Skip to content

Booksellers & Trade Customers: Sign up for online bulk buying at trade.atlanticbooks.com for wholesale discounts

Booksellers: Create Account on our B2B Portal for wholesale discounts

Artificial Intelligence

by Ed. by Ashutosh Kumar Shukla , Kiran Iyer V.
Save 33% Save 33%
Current price ₹135.00
Original price ₹200.00
Original price ₹200.00
Original price ₹200.00
(-33%)
₹135.00
Current price ₹135.00

Ships in 4-7 Days

Free Shipping in India on orders above Rs. 500

Request Bulk Quantity Quote
+91
Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789369444434
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 112
  • Original Price: INR 200.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): Artificial Intelligence / General

आज के इस रोबोट युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव जीवन का एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण साधन बन गयी है। सुबह की चाय से लेकर रात की नींद तक हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस उपकरणों से घिरे हुए हैं। चाहे वह कमरे की उष्णता के अनुरूप तापमान में परिवर्तन करने की प्रक्रिया हो या वाशिंग मशीन में कपड़े धोने की सारी प्रक्रियाओं को स्वयं निर्णय लेकर सम्पादित करने की क्षमता, चैट-जीपीटी द्वारा बच्चों के होमवर्क में सहायता हो या विभिन्न प्रौद्योगिकी टूल्स द्वारा स्वास्थ्य, पर्यटन आदि से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त करना, ये सभी कार्य कृत्रिम मेधा से क्षण भर में सम्पन्न हो जाते हैं।इसकी बहुआयामी उपयोगिता का प्रमाण इसी तथ्य से दिया जा सकता है कि यह मानव जीवन के हर क्षेत्र से सम्बद्ध हो चुका है। आज कृत्रिम मेधा चिकित्सा निदान, इलेक्ट्रॉनिक व्यापार, रोबोट विज्ञान, रिमोट सेंसिंग, कृषि, शिक्षा, विनिर्माण, विभिन्न औद्योगिक कार्य, रक्षा और रणनीति, बैंकिंग और वित्त, विधि प्रणाली, प्रकाशन एवं मुद्रण, रत्न परीक्षण, पुरातत्व संरक्षण सम्बन्धी अनुसन्धान, खाद्य गुणवत्ता विश्लेषण व उसकी पैकेजिंग की तकनीकी, यात्रा, पर्यटन इत्यादि के क्षेत्र में अपने पैर मज़बूती से जमाने का यत्न कर रही है। कम्प्यूटर विज्ञान से सम्बन्धित कई कठिन समस्याओं का निदान अब कृत्रिम मेधा के शोधकर्ताओं ने कर दिया है। कृत्रिम मेधा के कम्प्यूटरी अनुप्रयोग से टाइम शेयरिंग, इंटरैक्टिव दुभाषिया, ग्राफिकल यूसर इंटरफेस, तीव्र विकास वातावरण का निर्माण, लिंक सूची डेटा संरचना, स्वचालित भण्डारण क्षमता विकास, प्रतीकात्मकता प्रोग्रामिंग, कार्यात्मक प्रोग्रामिंग, गतिशील व उद्देश्योन्मुख प्रोग्रामिंग के द्वारा अब कम्प्यूटर विज्ञान का व्याप और भी विस्तृत हो रहा है।आज शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐसी तकनीकें विकसित हो गयी हैं जो बुद्धिमान शिक्षण प्रणाली द्वारा डिजिटल शिक्षक विकसित कर कम समय में अधिक-से-अधिक प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित कर सकती हैं।कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली आज जीवन के हर क्षेत्र से जुड़ चुकी है तथा जीवन को प्रभावित कर रही है। इस प्रणाली से जहाँ एक ओर सारे काम सरल हो रहे हैं और समाज की प्रगति की नयी दिशा दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर समाज में एक प्रकार का डर भी विद्यमान हो रहा है कि इसके कुछ दूरगामी दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। इस सम्बन्ध में हमें इस बात को समझना होगा कि इस प्रणाली का प्रभाव इसके प्रयोग पर निर्भर करता है। यह तथ्य अक्षरशः सत्य है कि सकारात्मक प्रयोगों से इसके अच्छे परिणाम ही दृष्टिगोचर होंगे। एक सफल व सशक्त समाज के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि हम इस तकनीकी के साथ क़दम से क़दम मिलाकर चलें। इस लेख संग्रह में देश के भिन्न-भिन्न भागों से विज्ञान लेखन में सक्रिय प्रभावशाली लेखकों ने योगदान दिया है। लेखकों ने अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्रों से सम्बन्धित ज्ञानवर्धक लेख लिखे हैं। सम्पादकों द्वारा लेखकों को उनके लेखन हेतु पर्याप्त स्वतन्त्रता दी गयी है, जिसके परिणामस्वरूप उनकी प्रतिभा अपने वास्तविक स्वरूप में लेखों के माध्यम से इस पुस्तक में व्यक्त हुई है।आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के उपयोगों पर आधारित इस संकलन में आठ लेख हैं। लेखकों ने अपनी रुचि के अनुसार लेखों की विषयवस्तु का चयन किया है। इसलिए प्रत्येक लेख अपने स्वाभाविक रूप में प्रस्तुत हुआ है। आशा है कि यह पुस्तक पाठकों को पसन्द आयेगी।

आशुतोष कुमार शुक्ल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वह प्रयागराज के इविंग क्रिश्चियन कॉलेज में भौतिकी के प्रोफ़ेसर हैं। पिछले दो दशकों में उनके कई शोध लेख प्रकाशित हो चुके हैं। प्रतिष्ठित अन्तरराष्ट्रीय प्रकाशकों ने प्रो. शुक्ल की 30 से अधिक सम्पादित पुस्तकें और पाठ्य पुस्तकें प्रकाशित की हैं। प्रो. शुक्ल ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नयी दिल्ली द्वारा वित्त पोषित दो शोध परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में एसोसिएट प्रोफ़ेसर के रूप में दो साल के अपने कार्यकाल के दौरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित परियोजना की सफलता में भी योगदान दिया है। उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, जर्मनी और स्पेन में विभिन्न अन्तरराष्ट्रीय मंचों पर अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किये हैं। उन्होंने अपने करियर के विभिन्न चरणों के दौरान भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, नयी दिल्ली, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसन्धान परिषद, नयी दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य सरकार सहित कई अनुदान एजेंसियों से फेलोशिप और यात्रा अनुदान प्राप्त किये हैं| विज्ञान को सरल हिन्दी में प्रस्तुत करने में उनकी छात्र जीवन से ही स्वाभाविक रुचि रही है। प्रो. शुक्ल पिछले लगभग तीन दशकों से आकाशवाणी के विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं।★★★किरण अय्यर वी. वर्तमान में केरल राज्य के कोचिन ज़िले में सीमा शुल्क विभाग में अनुवाद अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। श्री किरण अय्यर वी. भाषाओं के सम्बन्ध में विशेष रुचि रखते हैं। इन्होंने भौतिकी विषय में स्नातकोत्तर, हिन्दी स्नातकोत्तर में स्वर्ण पदक अर्जन किया है। इसके साथ ही इन्होंने बी. एड., अनुवाद डिप्लोमा, एम.फिल. पदवी के साथ हिन्दी टंकण, आशुलिपि, संस्कृत पाठ्यक्रम, आधारभूत उर्दू प्रशिक्षण आदि भी प्राप्त किया है। मैसूर के विभिन्न कॉलेजों में इन्होंने छह वर्षों तक भौतिक विज्ञान का अध्यापन कार्य करते हुए भौतिक विज्ञान में ‘पदार्थों के साथ इलेक्ट्रॉन अन्तः क्रियाओं का अध्ययन' विषय पर चार वर्षों तक शोधकार्य भी किया। विज्ञान, राजभाषा हिन्दी, प्रवासी हिन्दी साहित्य समीक्षा, कन्नड़ साहित्य व हिन्दी साहित्य के तुलनात्मक अध्ययन, फ़िल्म, समसामयिक विषयों आदि से सम्बन्धित इनके तकनीकी लेख व कविताएँ विभिन्न सरकारी व ग़ैर-सरकारी पत्रिकाओं, स्मारिकाओं व पुस्तकों में प्रकाशित हुए हैं। इनमें फिजी में आयोजित 12वें विश्व हिन्दी सम्मेलन, डीआरडीओ, आईआईटी आदि में शोध आलेख प्रस्तुतीकरण सम्मिलित हैं। आकाशवाणी से इनका विशेष लगाव है तथा ये आकाशवाणी अमृत महोत्सव प्रश्नोत्तरी के विजेता भी रहे हैं। इन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में सक्रिय सहभागिता देते हुए विभिन्न पुरस्कारों का अर्जन किया है। गत कई वर्षों से ये विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों व सरकारी कार्यालयों में संकाय सदस्य की भूमिका का निर्वहन भी कर रहे हैं। नृत्य व संगीत में विशेष रुचि रखने वाले तथा विभिन्न क्षेत्रीय व राष्ट्र स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रस्तुति देने वाले श्री किरण अय्यर वी. कन्नड़, मलयालम, तमिळ, तेलुगू आदि भाषाओं की फ़िल्मों के गीतों की धुनों में हिन्दी गीतों की रचना व कन्नड़ साहित्य सम्बन्धी अनुवादों में विशेष रुचि रखते हैं। इन्होंने तमिळ व कन्नड़ भाषा की पुस्तकों का हिन्दी में अनुवाद भी किया है। देश में भाषा सम्बन्धी भेदभावों को मिटाने की दिशा में ये सदा प्रयत्नशील रहते हैं|

Trusted for over 49 years

Family Owned Company

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Whatsapp Us