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Assam Ki Lokkathayen

by Suman Bajpai
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789355210173
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 152
  • Original Price: INR 250.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

विद्वानों का मत है कि ‘असम’ शब्द संस्कृत के ‘असोमा’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है—अनुपम या अद्वितीय। किंतु अधिकतर विद्वानों का मानना है कि यह शब्द मूल रूप से ‘अहोम’ से बना है। असम राज्य में संस्कृति और सभ्यता की एक प्राचीन और समृद्ध परंपरा रही है। इसका प्रभाव यहाँ के लोकसाहित्य में भी देखने को मिलता है, जिसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी सौंपा जाता जा रहा है। इसकी लोककथाओं के माध्यम से यहाँ के लोगों के जीवन और संस्कृति के विविध पहलुओं को जानने का अवसर मिलता है। असम में प्रचलित लोककथाओं को ‘साधु कथा’ कहा जाता है। यहाँ की लोककथाएँ अलौकिक घटनाओं से परिपूर्ण होती हैं। असम तंत्र-मंत्र, जादू-टोना एवं आध्यात्मिकता का केंद्र है। अतः लोककथाओं में तंत्र-मंत्र का समावेश भी देखने को मिलता है और रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी घटनाओं को जोड़कर भी कथाएँ बनाई गई हैं। कल्पना और वास्तविकता के समन्वय और उनके रहन-सहन और परिवेश का आईना हैं असम की लोककथाएँ। उनकी बोली, खान-पान और गुजर-बसर करने के तरीकों के बारे में भी इन लोककथाओं के माध्यम से जानने का मौका मिलता है।इस पुस्तक में ऐसी ही कुछ लोककथाएँ संगृहीत हैं, जो असम की गौरवशाली विरासत व संस्कृति का बोध कराती हैं।

सुमन वाजपेयी का जन्म दिल्ली में हुआ। यहीं एम.ए. हिंदी ऑनर्स व पत्रकारिता का अध्ययन किया। कॅरियर का आरंभ ‘चिल्ड्रंस बुक ट्रस्ट’ से किया तथा यहीं से बाल-लेखन की भी शुरुआत हुई। उसके बाद ‘जागरण सखी’, ‘मेरी संगिनी’ और ‘फोर्थ डी वुमन’ नामक पत्रिकाओं में विभिन्न संपादकीय पदों पर काम किया। पिछले 35 सालों से कहानी, कविता व महिला विषयों तथा बाल-लेखन में संलग्न। ‘खाली कलश’, ‘ठोस धरती का विश्वास’, ‘अग्निदान’, ‘एक सपने का सच होना’ और ‘पीले झूमर’ कहानी-संग्रह समेत 700 से अधिक कहानियाँ, 1000 से अधिक लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन। 125 से अधिक अंग्रेजी पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद। पेरेटिंग पर दो पुस्तकें प्रकाशित—‘अपने बच्चे को विजेता बनाएँ’ तथा ‘सफल अभिभावक कैसे बनें’। अन्य पुस्तकें जैसे ‘मलाला हूँ मैं’, ‘इंडियन बिजनेस वूमेन’, ‘इंदिरा गांधी’, ‘नागालैंड की लोककथाएँ’ भी प्रकाशित।संप्रति : स्वतंत्र पत्रकारिता।संपर्क : 12, एकलव्य विहार, सेक्टर-13, रोहिणी, दिल्ली-110085मो. : 9810795705 इ-मेल : sumanbajpai@yahoo.co.in

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