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Baaten: Teri Bhi, Meri Bhi

by Barmeshwar Rai
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789355188588
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 160
  • Original Price: INR 395.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 300 grams
  • BISAC Subject(s): General

आपके दस्तरखान पर तो परोसी भी नहीं जाती, फिर भी हमारी सूखी रोटी, क्यूँ हमेशा छीनी जाती है.. ज़मीन से जुड़े इन्सान की एक ज़मीनी कृति जब ठण्डी सर्द रातों में, कम्बल खिसकने से नींद टूट जाती है, तब माँ बहुत याद आती है.... ममता का सरल, सटीक विवरण हर सुबह तेरे ख़त हौले से खोलता हूँ, जब मन्दिर में भजन और, मस्जिद में अज़ान होती है.... पड़कर ऐसा लगता है कि यह कवि, मुझे कैसे जानता है।

बरमेश्वर राय कविता संग्रह बातेंः तेरी भी, मेरी भी के रचयिता बरमेश्वर राय का जन्म बिहार राज्य के भोजपुर ज़िले के एक किसान परिवार में हुआ। स्थानीय जितौरा उच्च विद्यालय से माध्यमिक शिक्षा प्राप्त कर इन्होंने साइंस कॉलेज पटना से इंटरमीडिएट तथा बी. आई. टी. सिंदरी से सिविल इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की ।श्री राय क़रीब 17 वर्षों तक भारत में, 4 वर्षों तक कनाडा में और 21 वर्षो तक अमेरिका में अभियन्ता के रूप में कार्यरत रहे। इन्होंने कई विश्वविख्यात परियोजनाओं के कार्यान्वयन में योगदान किया, जिसमें लॉस ऐंजेलस का विश्व का सबसे महँगा और अत्याधुनिक सोफी स्टेडियम शामिल है।श्री राय की साहित्यिक अभिरुचि में सन्त कबीरदास के दोहे, दुष्यन्त कुमार की कविताएँ और मशहूर पाक्षिक सारिका का पठन-पाठन और मन्थन शामिल रहा। फुरसत के क्षणों में, श्री राय कविताएँ और लघु कथाएँ लिखते रहे परन्तु इनके संकलन और प्रकाशन का प्रयास नहीं किया। कभी-कभार कॉलेज या अभियन्ता संघ की पत्रिकाओं में छपते रहे और मित्रों के बीच कविता पाठ करते रहे।

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