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Bharatiya Rajneeti Ke Panch Parmeshwar

by Ram Niwas Bairwa
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789372264135
  • Binding: Hardcover
  • Subject: History
  • Publisher: Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
  • Publisher Imprint: Atlantic
  • Publication Date:
  • Pages: 273
  • Original Price: INR 795.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 490 grams
  • BISAC Subject(s): General, History & Theory, and Political Process / Political Parties

भारतीय राजनीति के पंच परमेश्वर में भारत की राजनीति और सामाजिक व्यवस्था के अंतर्गत घटनाओं की वास्तविकता तथा उनके प्रस्तुतिकरण के बीच के अंतर को उजागर करने का प्रयास किया गया है। अक्सर राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में चीजें वैसी नहीं होतीं जैसी वे दिखाई देती हैं। समय, सत्ता और स्वार्थ के अनुसार तथ्यों को नए अर्थ दिए जाते हैं, जिससे सत्य और भ्रम के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है। एक ही घटना को विभिन्न विचारधाराओं को अपने हितों के अनुसार प्रस्तुत करती हैं और समाज उसी के आधार पर अपनी धारणाएँ निर्मित करता है। औपनिवेशिक काल से लेकर वर्तमान समय तक इतिहास और राजनीति का उपयोग जनमत को प्रभावित करने के साधन के रूप में किया जाता रहा है। अंग्रेजी शासन ने भी अनेक घटनाओं को अपने पक्ष में स्थापित करने का प्रयास किया, जबकि समाज के विभिन्न वर्गों और राजनीतिक शक्तियों ने उन्हीं घटनाओं को अलग दृष्टिकोण से परिभाषित किया। प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय राजनीति, इतिहास और सामाजिक संरचना के उन पहलुओं को सामने लाने का प्रयास करती है, जहाँ सत्ता, विचारधारा और सत्य एक-दूसरे से टकराते दिखाई देते हैं। गहन विश्लेषण और वैचारिक दृष्टि के माध्यम से यह पुस्तक पाठकों को राजनीतिक घटनाओं के पीछे छिपे वास्तविक संदर्भों को समझने की नई दिशा प्रदान करती है।

इस पुस्तक में इतिहास और वर्तमान राजनीति को जोड़ते हुए कई ऐसे प्रश्न उठाए गए हैं, जो पाठकों को सोचने पर मजबूर करते हैं। गहन विश्लेषण, वैचारिक दृष्टि और वास्तविक संदर्भों के माध्यम से लेखक भारतीय लोकतंत्र, सत्ता व्यवस्था और सामाजिक बदलावों को एक नए नजरिए से समझने की प्रेरणा देते हैं। उन पाठकों के लिए यह पुस्तक विशेष रूप से उपयोगी है, जो भारतीय राजनीति और समाज को केवल समाचारों के माध्यम से नहीं, बल्कि उसके वास्तविक और गहरे संदर्भों में समझना चाहते हैं।

राम निवास बैरवा की प्रारम्भिक शिक्षा राजस्थान के जयपुर जिले के ग्राम मौजमाबाद में हुई। उन्होंने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में सेवा की और क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवा के दौरान उन्होंने कर्मचारी भविष्य निधि और श्रम कानूनों का गहन अध्ययन किया। उन्होंने कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 का हिन्दी अनुवाद एवं सरल व्याख्या तैयार की जो 1994 में द्विभाषी में प्रकाशित हुई। सामाजिक सुरक्षा, कर्मचारी भविष्य निधि एवं श्रम कानूनों पर उनकी पुस्तकों को व्यापक सराहना मिली है।

उनकी अन्य महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं - 1. कर्मचारी भविष्य निधि संक्षिप्त सेवा नियम; 2. कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (हिन्दी-अंग्रेजी); 3. कर्मचारी राज्य बीमा अध्निियम, 1948 तीसरा संस्करण; 4. पेमेन्ट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 (हिन्दी-अंग्रेजी); 5.Step by Step into EPF—A Guide to EPF (English) (2026); 6. Step by Step into EPF—Supreme Court Cases (2011); 7. अन्तर्राष्ट्रीय वित्तीय पूंजी का साम्राज्य; 8. इंडिया देट इज भारत: संवैधानिक भारत, एक समीक्षा, इत्यादि।

  • भूमिका
  • 1. विनायक दामोदर सावरकर
  • 2. मोहनदास करमचंद गाँधी
  • 3. भीमराव अम्बेडकर
  • 4. मोहम्मद अली जिन्ना...और मुसलमान बन गया
  • 5. भगत सिंह (शहीद-ए-आजमद)
  • संदर्भित पुस्तके, पत्र-पत्रिकाएं

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