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Deshbhakti ke pavan teerth

by Rishi Raj
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789386300041
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 192
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 266 grams
  • BISAC Subject(s): Action & Adventure / General

यह पुस्तक समावेश है यात्रा-वृत्तांत और वीरों से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का, जिसमें लेखक ने प्रयास किया है कि वे अत्यंत रोचक तरीके से आज की पीढ़ी को हमारे देश के स्वर्णिम इतिहास से अवगत करवाएँ। इस पुस्तक की शुरुआत 1857 की क्रांति से जुड़े स्थानों जैसे की बैरकपुर (पश्चिम बंगाल), वेल्लोर (तमिलनाडु) और मेरठ से की गई, जहाँ से आजादी की लौ प्रज्वलित हुई थी। भारत में इन जगहों के इतिहास पर तो आपको कई पुस्तकें मिल जाएँगी, पर यात्रा-वृत्तांत के साथ इतिहास के इस अनूठे मेल पर ऐसी पुस्तक शायद पहली बार प्रकाशित हो रही है। लेखक पाठक को 1857 के क्रांति स्थलों से लेकर 1999 के कारगिल युद्ध से जुड़े स्थानों पर लेकर गए हैं। इसके अलावा सेल्लुलर जेल, हुसैनीवाला, सियाचिन और जलियावाला बाग पर भी अध्याय हैं। इस पुस्तक के द्वारा लेखक ने हमारे देशभक्त और जांबाज सैनिकों और देश के लिए अपना सर्वस्व लुटानेवाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। लेखक का प्रयास है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और वीरों की अमर गाथा और उनसे जुड़े स्थानों का ज्ञान आज की युवा पीढ़ी तक पहुँचाया जाए, ताकि उनमें देश में राष्ट्रघाती ताकतें, जो समय-समय पर सिर उठाती रहती हैं, उनका दमन करने की शक्ति मिले और देशभक्ति की लौ को तीव्र गति से प्रज्वलित किया जा सके।भारत माँ के वीर सपूतों का पुण्य-स्मरण कर उनके प्रति विनम्र आदरांजलि है यह पुस्तक।

4 सितंबर, 1975 को दिल्ली में जन्मे ऋषि राज भारत सरकार के परिवहन क्षेत्र से जुड़े सार्वजनिक उपक्रम में संयुक्त निदेशक के समकक्ष पद पर कार्यरत हैं। सन् 1994 में भारतीय रेल कीसेवा में नियुक्ति से भारत भ्रमण कि शुरुआत हुई। वर्ष 2007 में लेह, लद्दाख, द्रास एवं कारगिल क्षेत्रों का विस्तृत दौरा किया और अपनी पहली डॉक्युमेंटरी फिल्म बनाई, इसे कारगिल युद्ध के शहीदों को समर्पित किया है। यहीं से डॉक्युमेंटरी बनाने के क्षेत्र में भी कदम रखा। सन् 2012 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा के अनुभवों पर पहली पुस्तक ‘कैलाश दर्शन—कुछ यादें, कुछ बातें’ से लेखन शुरू किया। इस पुस्तक को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने ‘राहुल सांस्कृत्यायन पुरस्कार’ से सम्मानित किया। सन् 2013 में यह ‘Height of Faith : Kailash’ शीर्षक से अंग्रेजी में प्रकाशित। सन् 2014 में अपनी तवांग और बूमला क्षेत्र की यात्रा के अनुभवों को डॉक्युमेंटरी ‘My Journey to the Splendid Tawang’ द्वारा दिखाया। 2015 में ही उनकी पुस्तक ‘अतुल्य भारत की खोज’ भी प्रकाशित हुई, जिसमें उन्होंने भारत के 31 राज्यों में किए गए भ्रमण पर आधारित यात्रा-वृत्तांतों को सँजोया है। 2016 में डॉक्युमेंटरी ‘The Divine Journey to Gangotri and Yamunotri’ भी बनाई। ‘देशभक्ति के पावन तीर्थ’ लेखक की तीसरी पुस्तक है। exploringindiawithrishi.blogspot.inexploring India with Rishiexploreindia4exploreindia4rishirajpost@gmail.com • www.rishiraj.in

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