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Din Rain

by Vishwanath Prasad Tiwari
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789350726976
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 212
  • Original Price: INR 395.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 400 grams
  • BISAC Subject(s): Memoirs

गद्य की लघु विधाओं में डायरी अपनी एक अर्थवान पहचान बना चुकी है। लगभग सभी भाषाओं में महत्त्वपूर्ण डायरियाँ लिखी गयी हैं। हिन्दी उपन्यासों और कहानियों में एक शिल्प के रूप में इनका प्रयोग होता रहा है पर एक स्वतन्त्र विधा के रूप में इनका लेखन अभी कम ही हुआ है। लेखकों की प्रकृति के अनुसार डायरियों के रूप-रंग में भिन्नता स्वाभाविक है। कुछ डायरियों में किसी का नामोल्लेख नहीं होता। कुछ में वास्तविक तिथियों, घटनाओं और व्यक्तियों का उल्लेख रहता है। कुछ नितान्त काल्पनिक भी होती हैं।प्रस्तुत डायरी में भाषा, साहित्य, समाज, राजनीति आदि के बारे में लेखक का अपना अनुभव और गम्भीर चिन्तन तो है ही कुछ घटनाओं और व्यक्तियों से सम्बन्धित ऐसे तथ्य भी हैं जिनका साहित्यिक-राजनीतिक सन्दर्भों के लिए ऐतिहासिक महत्त्व है। लेखक के अनुसार इन तथ्यों और विवरणों में सत्य का आग्रह है जिनका प्रामाणिक तौर पर उपयोग किया जा सकता है। इस डायरी में कुछ यात्रा प्रसंग भी हैं जो उस स्थान विशेष के इतिहास, भूगोल और परिवेश से सम्बन्धित कई अल्पज्ञात सूचनाएँ प्रस्तुत करते हैं। यह प्रतिदिन लिखी जाने वाली निजी दैनंदिनि नहीं है बल्कि इसमें एक विस्तृत कालखंड का लोकानुभव अत्यन्त संक्षिप्त रूप में लिपिबद्ध है।आशा है पाठक अपनी-अपनी रुचि के अनुसार विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की इस कृति का आस्वाद करेंगे।

विश्वनाथ प्रसाद तिवारीजन्म : 1940 ई., कुशीनगर जनपद के एक गाँव रायपुर भैंसही - भेड़िहारी (उ.प्र.) ।पद : गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में आचार्य एवं अध्यक्ष पद से 2001 ई. में अवकाश ग्रहण | प्रकाशित पुस्तकें : 'आधुनिक हिन्दी कविता', 'समकालीन हिन्दी कविता', 'रचना के सरोकार', 'कविता क्या है', 'गद्य के प्रतिमान', 'आलोचना के हाशिए पर', 'गद्य का परिवेश' (आलोचना); 'चीजों को देखकर', 'साथ चलते हुए', 'बेहतर दुनिया के लिए', 'आखर अनन्त', 'फिर भी कुछ रह जाएगा' (कविता संकलन); 'आत्म की धरती', 'अन्तहीन आकाश', 'अमेरिका और यूरप में एक भारतीय मन' (यात्रा- संस्मरण); 'एक नाव के यात्री' (लेखकों के संस्मरण); 'मेरे साक्षात्कार' (साक्षात्कार ) ।विदेश यात्राएँ : इंग्लैंड, मॉरिशस, रूस, नेपाल, अमेरिका, नीदरलैंड, जर्मनी, फ्रांस, लक्जमबर्ग, बेल्जियम, चीन, थाईलैंड, द. कोरिया, कनाडा, आस्ट्रिया ।पुरस्कार : बिड़ला फाउंडेशन, दिल्ली द्वारा 2010 का 'व्यास' सम्मान, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा वर्ष 2007 में 'हिन्दी गौरव सम्मान, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा वर्ष 2000 में 'साहित्य भूषण' सम्मान, भारत मित्र संगठन, मास्को, रूस द्वारा वर्ष 2003 में 'पुश्किन' सम्मान, 'दस्तावेज' पत्रिका को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा वर्ष 1988 और 1995 में 'सरस्वती' सम्मान ।सम्पादन : गोरखपुर से 'दस्तावेज' साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका का सम्पादन । जो 1978 से अब तक नियमित निकल रही है।अनुवाद : अनेक देशी-विदेशी भाषाओं में रचनाओं के अनुवाद हुए हैं।सम्प्रति : अध्यक्ष, साहित्य अकादेमी, नयी दिल्ली।सम्पर्क : सम्पादक, दस्तावेज, बेतियाहाता, गोरखपुर-273001 (उ.प्र.)ई-मेल : dastaavezgorkhpur@gmail.com

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