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Edgar Allan Poe Ki Lokpriya Kahaniyan

by Edgar Allan Poe
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789355212139
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 184
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): General

एलेनोरा की सुंदरता और मासूमियत एक सेराफिम एंजेल की तरह थी, वह एक कुँआरी कन्या थी, जो कृत्रिमता से कोसों दूर थी और फूलों के बीच अपनी छोटी सी निर्दोष जिंदगी गुजार रही थी। उसके भीतर कोई छल-कपट नहीं था, सिर्फ एक गहरा जुनूनी अहसास था, जो सिर्फ दिल से महसूस किया जा सकता था। उसने मुझे अपने दिल की गहराइयों से देखा, जब हम घाटी में रंग-बिरंगी घास पर साथ में चल रहे थे। हमारे इस फैसले से जो बदलाव हुए थे, हम उसके बारे में बात कर रहे थे।उस दिन एक-दूसरे से लिपटे हुए, उसके बारे में लंबी बातचीत करने के दौरान एकबारगी तो उसकी आँखों में आँसू आ गए और वह उदास हो गई कि कहीं यह मानवता के खत्म होने से पहले के आखिरी पल तो नहीं, जो वे बिता रहे थे। वह उस पल केवल उन्हीं दुःख भरी बातों को लेकर बैठ गई, जो हमारी बातों के बीच में बार-बार उन छवियों जैसी उभर रही थी, जैसे कवि शिराज के गीतों के वाक्यांश की हर प्रभावशाली भिन्नता में बार-बार घटित होती थी।—इसी पुस्तक सेएडगर एलन पो ने मृत्यु जैसे गूढ़ विषयों पर गहन चिंतन किया और इसे ही अपने लेखन का विषय बनाया। उनकी कहानियाँ मानवीय संबंधों के साथ-साथ कल्पनाओं की उड़ान, अय्यारी तथा जादूगरी की रोचकता से भरी हैं, जो पाठकों को बाँधे रखती हैं।

एडगर एलन पोजन्म : 19 जनवरी, 1809 को बोस्टन, मैसाचुसेट्स (अमरीका) में।कृतित्व : अपनी रचनाओं में एडगर ने मुख्यतः ‘मृत्यु’, ‘मृत्यु के चिह्न’, ‘जीवित दफनाना’, ‘मृत्योपरांत जीवन और शोक’ इत्यादि विषयों को गहराई से लिया है। इसके साथ ही उन्होंने ‘ऑगस्त द्युपिन’ नाम के जासूस की रचना की, जिसके द्वारा स्थापित जासूसी विधा का बाद में शेरलॉक होम्स और हरक्लयू प्वारो जैसे जासूसी नायकों ने भी उपयोग किया।स्मृतिशेष : 7 अक्तूबर, 1849

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