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Ek Romanchak Kahani Coronakaal Ki

by Ajay Mohan Jain
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789390378302
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 112
  • Original Price: INR 200.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 175 grams
  • BISAC Subject(s): General

“एक रोमांचक कहानी कोरोनाकाल की” अत्यंत रोमांचकारी कथा है। ...हम आशा करते हैं कि प्रत्येक पाठक इस कहानी से संबंध स्थापित करने में सक्षम होगा एवं इसे एक रोचक एवं ग्राह्य पाठ्य के रूप में याद रखेगा। —अभय करंदीकर, डायरेक्टर IIT कानपुरकैंब्रिज शोधकर्ता जेम्स वर्तमान महामारी के बारे में काफी चिंतित है जब एक साथी शोधकर्ता रमेश उसे यह कहते हुए आशन्वित करता है कि मानव इतिहास में पहली बार ऐसी घटना नहीं हो रही है। अपनी बात पर प्रकाश डालते हुए, रमेश सुदूर अतीत की, लगभग 4500 वर्ष पहले की एक कहानी सुनाता है कि कैसे मानव जाति अतीत में सारी विपदाओं को पार करके बची रही है और आगे बढ़ती रही है। आगे रमेश जेम्स को वर्तमान काल की दास्तान बताकर ढाढस बढ़ाता है कि कैसे मानव जाति कोरोना महामारी के कठिन दौर में उससे दो-चार करते हुए, अपने को नई परिस्थितियों में ढाल कर आगे बढ़ती जा रही है। वास्तविक मीटिंगों के बजाय वर्चुअल गेट-टूगेदर करने लगी है।...रमेश जेम्स को विश्वास दिलाता है कि हम अवश्य कामयाब होंगे और आगे बढ़ते रहेंगे। लचीलापन, आशावाद और मानव जाति की अदम्य इच्छाशक्ति एवं अद्भुत जिजीविषा की कहानी, यह आज के समय के लिए एकदम खरी उतरती है जिसमें हम जी रहे हैं।आज के कोरोनाकाल की परिस्थितियों की सिंधु घाटी सभ्यता के समय की आपदाओं से तुलना करता हुआ मानव जाति की अदम्य भावना को दरशाता यह रोचक, प्रेरणादायक लघु उपन्यास।

Ajay Mohan Jainविविध आयामों वाले अजय मोहन जैन की जीवन यात्रा के कुछ पहलू—प्राइवेट कंपनी में ‘छोटे तालाब में बड़ी मछली’ वाले पद से सरकारी उद्यम के ‘बड़े तालाब में छोटी मछली’ वाली जिम्मेदारी तक। मध्यमवर्गीय रूढ़ीवादी शहर प्रवासियों की दूसरी पीढ़ी से आने के बाद नौकरी के ट्रेनिंग काल के दौरान उन्मुक्त जीवन के अनुभव तक। IITK और IIMA से शिक्षित होने के बाद बैंक में नौकरी तक। नियमित नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर फ्री लांसर तक। पाँच से अधिक हिंदी और अंग्रेजी के बेस्टसेलर नॉवेल और पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेखन से लेकर उनकी स्वच्छ भारत पर बनी लघु वीडियो फिल्म के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्कृष्टता सर्टिफिकेट तक। अब प्राचीन इतिहास और पुरातत्त्व में अभिरुचि जाग्रत् होने पर यह कृति लिखने तक।वह info@ajaymohanjain.com और 222.ajaymohanjain.com पर उपलब्ध हैं।

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