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Fertilising The Future

by Mansukh Mandaviya
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789361567094
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Rupa Publications
  • Publisher Imprint: Rupa Publications
  • Publication Date:
  • Pages: 272
  • Original Price: INR 695.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 400 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में देश ने तरक्की के कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कई क्षेत्रों में आज प्रधानमंत्री जी की 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना साकार हो रही है। उर्वरक क्षेत्र भी इनमें से एक है। मोदी जी के कार्यकाल में उर्वरक क्षेत्र ने विकास की एक स्वर्णिम कहानी लिखने में कामयाबी हासिल की है। आज उर्वरकों के मामले में भारत आत्मनिर्भर बनने की राह पर तेजी से बढ़ रहा है। भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बना जिसने क्रांतिकारी नैनो यूरिया का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने में सफलता हासिल की। इसी तरह से नैनो डीएपी विकसित करने में भी भारत ने इतिहास बनाया। पिछले कुछ सालों में दुनिया के कई देशों ने उर्वरक संकट की समस्या को झेला। लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने इन संकटों का असर अपने देश के किसान और किसानी पर नहीं पड़ने दिया। मोदी जी ने यह सुनिश्चित किया कि वैश्विक बाजारों में उर्वरकों की बढ़ती कीमतों का असर देश के किसानों पर नहीं पड़ने देंगे। इसके लिए सरकार ने सब्सिडी बढ़ाने का काम किया। देश में उर्वरकों की कालाबाजारी से लेकर जमाखोरी के खिलाफ कड़ा प्रहार किया गया। ऐसी कई कामयाबियों के साथ—साथ उर्वरकों के क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' बनने की राह पर देश कैसे आगे बढ़ रहा है, इसकी कहानी इस पुस्तक के जरिए रोचक ढंग से प्रस्तुत की गई है।

डॉ. मनसुख मांडविया केंद्र सरकार में स्वास्थ्य व परिवार कल्याण और रसायन व उर्वरक मंत्री हैं। उनके पास केंद्रीय पोत परिवहन मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार भी रहा है। डॉ. मांडविया केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और पोत परिवहन राज्य मंत्री भी रहे हैं। वे 2012 में राज्यसभा के लिए गुजरात से चुने गए थे। 2018 में उन्हें राज्यसभा का दूसरा कार्यकाल मिला। भारतीय जनता पार्टी के गुजरात इकाई के महासचिव के तौर पर काम करने का अनुभव भी डॉ. मांडविया के पास है।

1 जून, 1972 को श्री मांडविया का जन्म हुआ। वे गुजरात के भावनगर जिले के पालीताना के रहने वाले हैं। भावनगर विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र की पढ़ाई करने वाले डॉ. मांडविया छात्र जीवन में ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ उनका राजनीतिक जीवन भारतीय जनता युवा मोर्चे के रास्ते भारतीय जनता पार्टी में पहुंचा। 2002 में वे पालीताना विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। 2011 में उन्हें गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड का चेयरमैन बनाया गया। राजनीति शास्त्र में पीएचडी करने वाले डॉ. मांडविया ने कन्या शिक्षा को लेकर जागरूकता लाने और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों के प्रसार के लिए गुजरात में अब तक तीन यात्राएं की हैं।

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