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Gaban

by Premchand
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789372272161
  • Binding: Paperback
  • Subject: Hindi Literature
  • Publisher: Atlantic Publishers & Distributors (P) Ltd
  • Publisher Imprint: Peacock Books
  • Publication Date:
  • Pages: 364
  • Original Price: INR 275.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 253 grams
  • BISAC Subject(s): Classics, Literary, and World Literature / India / General

गबन प्रेमचंद द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण उपन्यास है जो 'निर्मला' के बाद उनके यथार्थवाद की अगली कडी के रूप में देखा जाता है। गबन उपन्यास का मुख्य नायक रामनाथ है और नायिका जलपा है।

इस उपन्यास का मुख्य विषय है महिलाओं का पति के जीवन पर प्रभाव, विशेष रूप से गहनों के प्रति पत्नी की लालसा और उसकी वजह से पति के जीवन में आने वाली समस्याएं। प्रेमचंद ने इस उपन्यास में टूटते समाजिक मूल्यों और मध्यवर्गीय जीवन की कठिनाइयों का सजीव चित्रण किया है।

उपन्यास में उन्होंने समझौतापरस्त मानसिकता, महत्वाकांक्षाओं और पुलिस के चरित्र को बेबाक तरीके से प्रस्तुत किया है। प्रेमचंद ने नारी समस्याओं को भारतीय परिप्रेक्ष्य में रखकर देखा और उसे भारतीय स्वाधीनता आंदोलन से जोड़ा। यह उपन्यास न केवल जीवन की असलियत को समझने की कोशिश करता है, बल्कि पाठकों को अम से बाहर निकलने और नए रास्ते तलाशने के लिए प्रेरित करता है।

मुंशी प्रेमचंदहिंदी के एक महान लेखक और उपन्यासकार थे, जिन्हें "उपन्यास सम्राट" के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी के पास लामही गाँव में हुआ। प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था। उन्होंने समाज की कुरीतियों, आर्थिक असमानता, जातिवाद और शोषण को अपनी रचनाओं में प्रमुखता से उकेरा।

प्रेमचंद ने अपने उपन्यासों और कहानियों के माध्यम से समाज में सुधार और जागरूकता लाने का प्रयास किया। उनके प्रमुख उपन्यासों में गोदान, गबन, सेवासदन, निर्मला, प्रतिज्ञा और कायाकल्प शामिल हैं। उनकी कहानियाँ जैसे पूस की रात, ईदगाह और नमक का दरोगा मानवीय संवेदनाओं और यथार्थ का अद्भुत चित्रण करती हैं।

उन्होंने साहित्य को एक नया दृष्टिकोण दिया और उसे आम जनमानस से जोड़ा। 8 अक्टूबर 1936 को उनका निधन हो गया लेकिन उनकी रचनाएँ आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं।

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