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Ghazal - Dasta

by Ashok Singh
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789362870773
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 370
  • Original Price: INR 885.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 400 grams
  • BISAC Subject(s): General

हरिवंशराय बच्चन ने अपनी आत्मकथा दशद्वार से सोपान तक में जर्मन फ़िलॉस्फ़र नीत्शे को क्वोट किया है; “जितना कुछ लिखा जाता है, उसमें से मैं उसकी क़द्र करता हूँ, जो किसी ने अपने रक्त से लिखा है। रक्त से लिखकर देखो, फिर देखोगे रक्त में तुम्हारी आत्मा बोलती है। किसी अपरिचित रक्त को समझ पाना आसान तो नहीं है, मैं सिर्फ़ समय काटने के लिए पढ़ने वालों से नफ़रत करता हूँ।"—नीत्शे (दस स्पोक ज़रथुस्त्र)★★★यह ग़ज़ल-दस्ता भी इसी भावना से कही गयी तीन ख़ास ग़ज़ल-संग्रहों का इंज़िमाम है। हर कहन, शे'र, ग़ज़ल में अपने हृदय की बात, विचारों एवं भावों को ग़ज़ल श्रोताओं एवं पाठकों के हृदय तक सम्प्रेषित करने का प्रयास है। शायर ग़ज़ल कहे और श्रोता उसके मर्म से अनभिज्ञ रह जाये, तो यह शायर की असफलता का पर्याय बन जायेगा। शायर इसी भावना को लेकर अपनी शायरी के साथ साहित्य की दुनिया में उतरता उम्मीद करता है कि उसकी फ़िक्र के मर्म को श्रोता या पाठक रस-भीना होकर जियेगा।ऐसा न हो हवा-ए-तरब मोतबर न हो, गुलज़ार तो चमन हो कोई दीदा वर न हो।इस ग़ज़ल-दस्ता के ग़ज़ल-संग्रह—आरज़ू की शाख़ पर, सूरज चाँद कहकशाँ और खिल गया गुंचा कोई-के अश' आर में हर रंग और ख़ुशबू के फूल समाहित किये गये हैं, और ये बात तो तय है, कोई न कोई रंग इसमें से आपको भी अपने रंग में रंग ही लेगा। इसी आशा के साथ, पाठकों के हाथों में यह ग़ज़ल-दस्ता प्रेमपूर्वक रख रहा हूँ।—अशोक सिंहन्यू यॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका,दिसम्बर 1, 2024

अशोक सिंहजन्म : 22 अगस्त को उत्तर प्रदेश, भारत में जन्म।अशोक हिन्दी भाषा एवं साहित्य से सम्बन्धित अमेरिका की विभिन्न संस्थाओं से जुड़े रहे हैं। वे कई वर्षों से भारत से आमन्त्रित शीर्ष कवियों को लेकर कवि सम्मेलनों का सफल आयोजन एवं प्रबन्धन के साथ भाषा एवं साहित्य का प्रचार प्रसार भी करते रहे हैं। उन्होंने पिछले 13 से अधिक वर्षों से ‘अविरल’ ब्लॉग पर ई-काव्य के रूप में प्रसिद्ध कवियों की 3000 से अधिक चुनिन्दा हिन्दी कविताएँ व ग़ज़लें प्रकाशित की हैं। अशोक पिछले कई वर्षों से न्यू यॉर्क क्षेत्र में बहुचर्चित 'तरंग' काव्य-गोष्ठी के संस्थापक और संचालक भी रहे हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम के तहत स्थानीय कवियों को एक ही मंच पर एकत्रित करने और लोगों को हिन्दी भाषा और कविता से जोड़ने का प्रयास किया है। वे विश्वविख्यात अन्तरराष्ट्रीय गोष्ठी 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के संस्थापक और संयोजक भी हैं। अशोक ने रुड़की विश्वविद्यालय (अब आई.आई.टी.) से इंजीनियरिंग में स्नातक और न्यू यॉर्क विश्वविद्यालय से कम्प्यूटर विज्ञान में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है, और अमेरिका की एक प्रतिष्ठित कम्पनी में वरिष्ठ सूचना प्रौद्योगिकी पद पर कार्यरत हैं। प्रकाशित कृतियाँ : काव्य-संग्रह : ‘फिर वसन्त आये’ (वाणी प्रकाशन), ग़ज़ल संग्रह : ‘ख़्वाब कोई बिखर गया’ (वाणी प्रकाशन); काव्य-संकलन : ‘काव्य तरंग’, अमेरिका के चुने हुए 16 कवियों की चुनिन्दा कविताओं का संकलन एवं सम्पादन (वाणी प्रकाशन); ‘एक शे’र-शताब्दी संकलन : 100 और 200, संकलन एवं सम्पादन। सम्प्रति : पिछले 30 वर्षों से न्यू यॉर्क, अमेरिका में निवास।

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