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Golden Hour Durghatna Ke Baad Pahla Ghanta

by Dr. Vikram Singh
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9788194873686
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 112
  • Original Price: INR 299.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): General

विज्ञान अच्छा सेवक है। स्वामी के रूप में इसकी ख्याति अच्छी नहीं है। ये जानते हुए भी हम उसके ऊपर इतने निर्भर हो गये हैं कि हमारा सेवक, स्वामी बन गया है। हमारा जीवन यान्त्रिक हो गया है। यान्त्रिक जीवन में संवेदनाएँ शुष्क हो जाती हैं। सामाजिक नैतिकता निष्क्रिय हो जाती है। घायल को बचाने की बजाय बचकर निकल जाने की प्रवृत्ति आम हो जाती है। ऐसे में हम भीड़ में भी अकेले हो जाते हैं। जीवन की इस यान्त्रिकता में जीवन मूल्यों की रक्षा हेतु अन्य साहित्यिक विधाओं की तुलना में नाटक की ज़िम्मेदारी ज़्यादा बढ़ जाती है। नाटक वह विधा है जिसमें दर्शक पात्र भाव-विभोर होकर पात्र के हृदय में इस तरह बैठ जाते हैं वह ख़ुद को पात्र की जगह महसूस करने लगता है। पात्र के साथ एकाकार की अनुभूति हृदय परिवर्तन का प्रथम चरण होता है। व्यक्ति की इस सुषुप्त संवेदना को जगाने का ही साहित्यिक प्रयास है ‘गोल्डन ऑवर : दुर्घटना के बाद पहला घण्टा'।

जन्म : 01 जुलाई, 1960, गाँव बन्सरमऊ, जनपद मैनपुरी (उ.प्र.)। शिक्षा : एम.ए., पीएच.डी.। पुरस्कार : 'विजयदेव नारायण साही पुरस्कार' 1996-97, 'सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय पुरस्कार' 2003-04, 'यशपाल पुरस्कार' 2005-06, ‘कौटिल्य पुरस्कार' 2008-09, ‘महापण्डित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार 2009-10, ‘पण्डित महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार' 2010-11। प्रकाशन : प्रिंटिंग-मिस्टेक, लकड़बग्घे : शहर में (काव्य संकलन), तदर्थ (रेडियो - नाटक), मम्मी : फादर मायने क्या?, सरहद (पटकथा), ताजमहल से टॉवर ब्रिज, सूरज : चाँदनी रात में, नार्वे : दि चैम्पियन ऑफ़ वर्ल्ड पीस (यात्रा-वृत्तान्त), पानी के निशान (कहानी संग्रह), यथार्थ के समानान्तर (निबन्ध संग्रह), भारत में राजनीतिक चिन्तन की परम्परा (भारत-शास्त्र), हायनाज इन टाउन तथा विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में समय-समय पर कविता, कहानी, लेख, यात्रा वृत्तान्त आदि। शीघ्र प्रकाश्य : काले शीसे (कविता संग्रह), समकालीन हिन्दी कविता (आलोचना), गैलीलियो का माफ़ीनामा (नाटक), कहानी संग्रह ‘पानी के निशान' का अंग्रेज़ी, उर्दू एवं बंगला अनुवाद। सदस्य : हिन्दी सलाहकार समिति विदेश विभाग- 2000-03 । प्रसारण : टी.वी. रेडियो (बीबीसी लन्दन एवं भारत के विभिन्न केन्द्रों से) तथा भारतीय एवं अन्तरराष्ट्रीय साहित्यिक मंचों से। रंगमंच : निर्माता 'कोर्टमार्शल' एवं 'अँधेरे में' नाटक। सान्निध्य : संस्थापक अध्यक्ष – ‘ग्लोब', 'नवयुग' साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं व 'अभिनय' नाट्य समिति, आगरा।

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