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Hindi Swaraj Shatabdi Vimarsh

by Kanhaiya Tripathi
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789350001875
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 464
  • Original Price: INR 600.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 750 grams
  • BISAC Subject(s): Political Process / General

हिन्द स्वराज शताब्दी विमर्श - आज़ादी से पहले हिन्दुस्तान का समूचा स्वरूप हमारे हिस्से था। आज़ादी के बाद और अब 21वीं सदी में भारत का इतिहास भूगोल सब बदला है। 14 अगस्त, 1947 से पूर्व, लेकिन हम विभक्त हो गये (भारत और पाकिस्तान) दो भागों में हम विभक्त सिर्फ़ भौगोलिक रूप से नहीं हुए बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व सामरिक महत्त्व के मूल्यों से भी विभक्त हो गये। विचारधारा और मान्यताओं में विभक्त हो गये। यह विभाजन हमारे लिए एक अभिशाप था, इसे हम मानें या न मानें गाँधीजी ने जब 'हिन्द स्वराज' लिखा था तब हम समूचे थे। गाँधीजी की 'हिन्द स्वराज' की 'संवेदना' मनुष्यता के पक्ष में तथा 'बर्बरता' के प्रतिरोध में 'अहिंसक ढंग' से उभरकर सामने आयी थी। आज़ाद भारत के अब हम नागरिक हैं। पाकिस्तान में रह रहे भाई-बहन आजाद पाकिस्तान के नागरिक हैं यहाँ हम पाकिस्तान के भीतर 'आज़ाद पाकिस्तान' और समूचे पाकिस्तान के नागरिकों की बात कर रहे हैं। बांग्लादेश के हमारे भाई-बहन, बांग्लादेश के नागरिक हैं। यह विभाजन ही हमारे लिए कितना पीड़ादायी है। फिलहाल, समूचे नहीं, किन्तु टुकड़ों में बँटे सभी जनमानस को 'शैतानी सभ्यता' से मुक्ति के लिए लिखी गयी पुस्तक हिन्द स्वराज, जब भारत आपस में ही कई युद्धों को लड़ चुका हो तब, क्या आज 21वीं सदी में हमारे लिए भूमिका रखती है? 1909 से 2009 का सौ वर्ष 1909 से 1988 के समय के अन्तराल की विवेचना वास्तव में एक दिलचस्प और रोमांचित कर देने वाली परिघटना किसी के लिए भी हो सकती है, वह भी एक पुस्तक के बहाने निश्चय ही यह अनुष्ठान इसी परिघटना का एक हिस्सा है मेरे लिए, किन्तु उससे पूर्व यह प्रश्न किसी के भी मन में कौंध सकता है कि जिसके बारे में इतनी भूमिकाँ निर्मित हो रही है, उस पुस्तक में आख़िर क्या है?

कन्हैया त्रिपाठी - जन्म : 01 जनवरी, 1981, आज़मगढ़ (उ.प्र.)।शिक्षा: एम.ए., पीएच.डी.अध्यापन कार्य : महात्मा गाँधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा में सत्र 2006-08 के दौरान अतिथि प्राध्यापक के रूप में अध्यापन कार्य। प्रकाशित कृतियाँ : सतह से शिखर तक भारत के राष्ट्रपति (2004), आदिवासी समाज और मानवाधिकार (Indigenous Peoples and Human Rights (2009) हिन्द स्वराज अहिंसक क्रान्ति का दस्तावेज़ (2009) सदी की विश्व चुनौती-एड्स (राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान, मैरीलैण्ड, अमेरिका से प्रकाशनाधीन), विश्व आतंकवाद और शान्ति (प्रकाशनाधीन), कुरुक्षेत्र योजना, वर्तमान साहित्य, परिकथा, फिलहाल, स्वाधीनता गजट, ग्रामीण भारत आदि पत्र-पत्रिकाओं में आलेख, कविताएँ प्रकाशित। वृत्तचित्र का निर्देशन : अ डाक्यूमेण्ट्री ऑन सुसाइड ऑफ़ पीजेण्ट इन विदर्भा : तमस का निर्देशन।पुरस्कार तथा सम्मान : पॉपुलेशन कम्यूनिकेशन इण्टरनेशनल न्यूयार्क, केन्द्रीय शैक्षणिक नियोजन एकांश व आकाशवाणी महानिदेशालय, नयी दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से प्रथम राष्ट्रीय पुरस्कार; विद्यालय/महाविद्यालय स्तरीय पुरस्कार; उ.प्र. के मंत्री द्वारा एच.आई.वी. एड्स पर जागरूकता करने हेतु सम्मान तथा अन्य सामाजिक स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित; उ.प्र. मेरिट स्कॉलरशिप महात्मा गाँधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, सम्मानित मेधा स्कॉलरशिप।समीक्षा एवं सम्पादक : आकाशवाणी महानिदेशालय से प्रसारित धारावाहिक 'दहलीज़', 'तिनका-तिनका सुख' तथा 'ये कहाँ आ गये हम'। ग्लोबल विलेज 'साप्ताहिक' का सम्पादन।

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