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Hindi Upanyas Naya Path

by Hemant Kukreti
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789352290253
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 180
  • Original Price: INR 395.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 350 grams
  • BISAC Subject(s): General

हिन्दी के चर्चित और अनिवार्य महत्त्व के उपन्यासों की पड़ताल यहाँ पाठकीय नज़रिये से की गयी है। इसलिए यह विश्वसनीय है। पत्रिका के स्पेस को भरने के लिए फिलर की तरह निपटाया गया पुस्तक-समीक्षावादी रवैया और पेशेवर आलोचकों के हिसाब-किताब बराबर कर देने वाले तेवर और मुद्राएँ भी यहाँ नहीं हैं। हेमन्त कुकरेती जैसे इन उपन्यासों का नया आलोचनात्मक पाठ सुना रहे हैं। क्योंकि यहाँ पढ़ने से ज़्यादा सुनने का आस्वाद मिलता है। इसलिए कई अनसुलझी गुत्थियाँ सुलझ जाती हैं। स्पष्टता-सरलता इस प्रत्यक्ष आलोचना शैली को धार देने वाली विशेषताएँ हैं। बेशक हेमन्त कुकरेती हिन्दी के महत्त्वपूर्ण कवि और साहित्य के समर्थ अध्यापक हैं लेकिन उन्होंने कम लिखने के बावजूद आलोचना को भी उतनी गम्भीरता से लिया है। वे पार्टटाइम आलोचक नहीं हैं क्योंकि आलोचना उन्होंने भीतरी जरूरतों के दबाव से की है। हेमन्त कुकरेती कई बार पढ़े गये उपन्यासों का जो नया पाठ उजागर करते हैं, वह मूल पाठ का विस्तार करता है। यही इस आलोचना-कर्म की सार्थकता है। -नरेन्द्र मोहन

हेमन्त कुकरेती हिन्दी में 1990 के आसपास उभरने वाली काव्य-पीढ़ी के महत्त्वपूर्ण कवि और हिन्दी साहित्य के इतिहासकार। दिल्ली विश्वविद्यालय से यू.जी.सी. फेलोशिप योजना के अन्तर्गत नाटकों पर एम.फिल. और पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की तथा पत्र-पत्रिकाओं में कविता के अलावा समीक्षात्मक टिप्पणियाँ तथा कला-संस्कृति, फ़िल्म और रंगमंच पर नियमित लेखन करने के साथ वे आकाशवाणी-दूरदर्शन के लिए रचनात्मक कार्य करते रहे हैं। महत्त्वपूर्ण साहित्यिक आयोजनों में आलेख एवं काव्य-पाठ करने वाले हेमन्त ककरेती समकालीन कविता के प्रतिनिधि काव्य-संकलनों के सहयोगी कवि भी हैं। अनेक देशी-विदेशी भाषाओं में उनकी कविताएँ अनूदित हुई हैं और कविताओं पर आलोचना एवं लगातार शोधकार्य हो रहे हैं। प्रकाशन : 'चलने से पहले'. 'नया बस्ता', 'चाँद पर नाव', 'कभी जल कभी जाल', 'धूप के बीज' (कविता संग्रह); 'कवि ने कहा' (चुनी हुई कविताएँ), 'भारतेन्दु और उनकी अन्धेर नगरी', 'शंकर शेष के नाटकों में संघर्ष चेतना'. 'हिन्दी उपन्यास : नया पाठ', 'आदिकाल और मध्यकाल के कवियों का आलोचनात्मक पाठ', 'नवजागरणकालीन कवियों की पहचान', 'कवि परम्परा की पड़ताल' (आलोचना); 'हिन्दी साहित्य का इतिहास', 'हिन्दी भाषा और साहित्य का वस्तुनिष्ठ इतिहास', 'शंकर शेष' (मोनोग्राफ) 'शंकर शेष : समग्र नाटक' (सम्पादन); दिल्ली एवं अन्य विश्वविद्यालयों के लिए अनेक पाठ्यपुस्तकों के लेखन एवं सम्पादन के साथ-साथ पहली से आठवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक की चर्चित श्रृंखला 'ज्ञानोदय' का सम्पादन। सम्मान : 'भारतभूषण अग्रवाल सम्मान', 'कृति सम्मान' तथा 'केदार सम्मान'। सम्प्रति : स्नातकोत्तर श्यामलाल कॉलेज (दि. वि.), शाहदरा, दिल्ली के हिन्दी विभाग में एसोसिएट प्रोफ़ेसर, साहित्य अमृत (मासिक) के संयुक्त सम्पादक। सम्पर्क : ए-3/50, पश्चिम विहार, नयी दिल्ली-110063 मोबाइल : 09818540187 ई-मेल : hemantkukreti65@gmail.com

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