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Hindutva Ka Madhu

by Hridaynarayan Dixit
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789357758208
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 306
  • Original Price: INR 695.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 450 grams
  • BISAC Subject(s): General

हिन्दुत्व भारत की प्रकृति है और संस्कृति भी। यह भारत के लोगों की जीवनशैली है। इस जीवनशैली में सभी विश्वासों के प्रति आदरभाव है, लेकिन भारतीय राजनीति के आख्यान में हिन्दुत्व के अनेक चेहरे हैं। उग्र हिन्दुत्व, मुलायम (सॉफ्ट) हिन्दुत्व, साम्प्रदायिक हिन्दुत्व आदि अनेक विशेषण मूल हिन्दुत्व पर आक्रामक हैं। अंग्रेज़ी भाषान्तर में हिन्दुत्व को हिन्दुइज़्म कहा जाता है। 'इज़्म' विचार होता है। विचार 'वाद' होता है। वाद का प्रतिवाद भी एक विचार होता है। पूँजीवाद 'कैपिटलिज़्म' है। समाजवाद 'सोशलिज़्म' है। इसी तरह वैज्ञानिक समाजवाद 'कम्युनिज़्म' है। अंग्रेज़ी का 'हिन्दुइज़्म' भी हिन्दूवाद का अर्थ देता है, लेकिन हिन्दुत्व 'हिन्दूवाद' नहीं है। हिन्दुत्व समग्र मानवीय अनुभूति है। वीर होना 'वीरवाद' नहीं होता, वीर होने का भाव वीरता है। दयावान होना 'दयावाद' नहीं दयालुता है। हिन्दू होना हिन्दुता या हिन्दुत्व है। कुछ विद्वान हिन्दू को मुसलमानों द्वारा दिया गया शब्द मानते रहे हैं, लेकिन यह सही नहीं है। 'हिन्दू' शब्द का प्राचीनतम उल्लेख 'अवेस्ता' में है और अवेस्ता इस्लाम से सैकड़ों वर्ष पुराना है। डेरियस (522-486 ई.पू.) के शिलालेख में भी 'हिन्दू' शब्द का उल्लेख है। 'हिन्दू' शब्द विशेष संस्कृति वाले जनसमूह का द्योतक है।- इसी पुस्तक से

हृदयनारायण दीक्षित -जन्म : ग्राम लउवा, ज़िला उन्नाव, उत्तर प्रदेशशिक्षा : एम.ए. (अर्थशास्त्र)सार्वजनिक जीवनपूर्णकालिक सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता ।चार बार लगातार विधानसभा सदस्य । वर्तमान में पाँचवीं बार उन्नाव जनपद उत्तर प्रदेश के भगवन्तनगर से विधानसभा सदस्य ।छः वर्ष तक उत्तर प्रदेश विधानपरिषद सदस्य ।उत्तर प्रदेश में पंचायतीराज मन्त्री तथा संसदीय कार्यमन्त्री भी रहे।विधानमण्डल की समितियों में सभापति व सदस्य ।भारतीय संस्कृति, वैदिक समाज दर्शन व संवैधानिक विषयों सहित कई विषयों पर 30 पुस्तकें, पाँच हज़ार प्रकाशित निबन्ध ।वरिष्ठ स्तम्भकार, चिन्तक विचारक साहित्यकार ।वाणी प्रकाशन से प्रकाशित पुस्तकें :ज्ञान का ज्ञान, ऋग्वेद : परिचय, अथर्ववेद का मधुसम्प्रति : पूर्व अध्यक्ष, विधानसभा, उत्तर प्रदेश ।

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