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Indonesia Mein Hindu Punarutthan

by Ravi Kumar
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789352666898
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 128
  • Original Price: INR 200.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 175 grams
  • BISAC Subject(s): Hinduism / General

भारत में बहुत से लोगों को हमारे पूर्वजों द्वारा दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम आदि में पहली शताब्दी ईसापूर्व से 17वीं शताब्दी तक स्थापित हिंदू साम्राज्यों के गौरवशाली इतिहास के बारे में जानकारी नहीं है। उनकी राजनीतिक विजय उनके अधीनस्थ क्षेत्रों की सीमाओं तक अवश्य उल्लेखनीय थी, लेकिन उससे भी बड़ी जीत भारतीय विचारों का प्रचार-प्रसार था। दक्षिण-पूर्व एशिया में मुख्य भूमि और द्वीप समूह, दोनों की सभ्यता पूरी तरह भारत से प्रेरित थी। श्रीलंका, बर्मा, स्याम, कंबोडिया, चंपा और जावा में धर्म, कला, वर्णमाला, साहित्य आदि के साथ-साथ जो विज्ञान और राजनीतिक संगठन अस्तित्व में थे, वे सब हिंदू धर्म की ही देन थे।विश्व में एकमात्र हिंदू ही है, जिसने दासता, आर्थिक प्रतिबंधों, बलात्कार, लूट, आगजनी, सांस्कृतिक धरोहरों के विनाश, धार्मिक स्थलों की अपवित्रता और पवित्र प्रतीकों को नष्ट किए बिना इन सब देशों पर शासन किया; साथ ही उनकी संस्कृति और सभ्यता को भी बढ़ावा दिया।इंडोनेशिया में हिंदू-संस्कृति के पुनरुत्थान का दिग्दर्शन करानेवाली पठनीय एवं महत्त्वपूर्ण पुस्तक।

चेन्नई में जनमे वी. रवि कुमार ने नागपुर विश्वविद्यालय से बी.एस-सी. एवं मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बी.एस-सी. प्रौद्योगिकी के समकक्ष डी.एम.आई.टी. शिक्षा प्राप्त की। पाँच वर्ष तक टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स एवं लार्सन एंड टूब्रो में प्रोजेक्ट इंजीनियर रहे। निर्धनों व जरूरतमंदों की सेवा के लिए नौकरी से त्यागपत्र देकर मुंबई, गुजरात एवं महाराष्ट्र के ठाणे जिले में रहे और जनजातीय समुदायों के अनेक कल्याण-कार्यों से जुड़े।सन् 1982 में विदेशी हिंदू समुदाय के कल्याणार्थ हांगकांग गए। 36 वर्षों तक हांगकांग, बैंकॉक एवं सिडनी में रहे व एशिया प्रशांत क्षेत्र के अधिकांश देशों की यात्राएँ कीं। आजकल इसी निमित्त यूरोप, अमेरिका एवं अफ्रीका महाद्वीप के देशों में भी जाते रहे।पच्चीस देशों से अधिक देशों के विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों, सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रतिष्ठानों में रवि कुमार वैदिक गणित एवं वैदिक विज्ञान से जुड़ी पाँच सौ से अधिक कार्यशालाएँ भी आयोजित कर चुके हैं। न्यूजीलैंड की रॉयल सोसाइटी में वैदिक गणित की उनकी कार्यशाला चर्चित हुई। वे युवाओं एवं बच्चों के लिए योग, ध्यान एवं हिंदू धर्म की बुनियादी जानकारी से जुड़े कैंप भी चलाते हैं। रवि कुमार प्रऌखर वक्ता होने के नाते अनेक अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों एवं सऌम्मेलनों को संबोधित कर चुके हैं। वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केंद्रीय संपर्क टोली के सदस्य हैं।

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