Skip to content

Booksellers & Trade Customers: Sign up for online bulk buying at trade.atlanticbooks.com for wholesale discounts

Booksellers: Create Account on our B2B Portal for wholesale discounts

Jaipurnama

by Namita Gokhale
Save 35% Save 35%
Current price ₹455.00
Original price ₹699.00
Original price ₹699.00
Original price ₹699.00
(-35%)
₹455.00
Current price ₹455.00

Ships in 7-10 Days

Free Shipping in India on orders above Rs. 500

Request Bulk Quantity Quote
+91
Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789355188724
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 240
  • Original Price: INR 699.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 400 grams
  • BISAC Subject(s): Literary

दुनिया के सबसे बड़े लिटरेरी फ़ेस्टिवल की संस्थापकों और निदेशकों में एक नमिता गोखले ने एक ऐसा उपन्यास लिखा है जो बहुत प्रभावशाली है और जो दुनिया के सबसे एकाकी समूह यानी लेखकों की प्रेरणाओं और निराशाओं को लेकर है। इसमें मुलाक़ात होती है ऐसे रंगारंग किरदारों से जिनकी ज़िन्दगी की कहानियाँ जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के समुद्र में घुलती-मिलती हैं, उनके बीच टकराती हुई चलती हैं। क्वियर साहित्य की एक बहुत बड़ी लेखिका है जिसको विद्वेष से भरी गुमनाम चिट्ठी मिलती हैं, एक चोर है जिसको कविता लिखने का जुनून है, एक प्रतिभाशाली बाल लेखक है जिसने तय कर रखा है कि एक दिन शिखर पर पहुँचना है, एक अमेरिकी लेखक है जो अपने जवानी के दिनों के विलुप्त भारत की तलाश में है। सत्तर पार की एक एकाकी लेखिका है जो जहाँ जाती है कैनवस बैग में अपने अप्रकाशित उपन्यास की प्रति लेकर जाती है-जयपुरनामा के पन्नों पर सबकी जीवन्त कहानी है। फ़ेस्टिवल की तरह ही जयपुर में विविध प्रकार की कहानियाँ हैं जिनको अलग-अलग सिरों से कहा गया है। यह दिलचस्प, तेज़ गति वाला, बड़े फ़लक का उपन्यास है जो साहित्यिक जगत का अचूक और दिलचस्प ख़ाका प्रस्तुत करता है, जिसमें नमिता गोखले की अचूक दृष्टि तथा पठनीय शैली अपने पूरे शबाब पर है।

नमिता गोखले -नमिता गोखले लेखक, प्रकाशक, फ़ेस्टिवल डायरेक्टर तथा अठारह कथा-अकथा की किताबों की लेखिका हैं। उनका पहला उपन्यास पारो : ड्रीम्स ऑफ़ पैशन बहुत प्रसिद्ध उपन्यास है जिसका प्रकाशन 1984 में हुआ था और जिसकी प्रसिद्धि आज भी बरकरार है। और उपन्यास के दूसरे खण्ड प्रिया के साथ इसका दोहरा संस्करण प्रकाशित किया गया था। नमिता गोखले ने अलग-अलग विधाओं में मिथकों के ऊपर ख़ूब काम किया है, जिनमें पफ़िन महाभारत में भारतीय मिथक महाकाव्य का पुनःप्रस्तुतीकरण भी शामिल है। हाल में प्रकाशित उनका उपन्यास थिंग्स टु लीव बिहाइंड फॉरएवर, जो हिमालय त्रयी का हिस्सा है, को अनेक पुरस्कार मिले और आलोचकों की भरपूर प्रशंसा भी मिली। असम साहित्य सभा द्वारा दिया जाने वाला समकालीन राष्ट्रीय पुरस्कार सबसे पहले नमिता गोखले को प्रदान किया गया है। वह जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल तथा माउंटेन एकोज फ़ेस्टिवल, भूटान लिटरेचर फ़ेस्टिवल की संस्थापक तथा सह-निदेशक हैं। वह यात्रा बुक्स की निदेशक भी हैं, जो एक प्रकाशन संस्थान है जिसकी विशेषज्ञता अनुवाद है।पुष्पेश पन्त -कुमाऊँ की पहाड़ियों में एक गाँवनुमा कस्बे में 1946 में जन्म। प्राथमिक शिक्षा घर पर फिर नैनीताल और दिल्ली में । इतिहास, अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों तथा कानून में स्नातकोत्तर उपाधियाँ। आयुर्वेद का स्वयं अध्ययन | चार दशक तक दिल्ली व जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अध्यापन और शोध । स्तम्भ-लेखन, टेलीविज़न डॉक्यूमेंटरी निर्माण । पाककला में विशेष दिलचस्पी । एक उपन्यास, कुछ कहानियाँ लिखी हैं। हाल में कथा साहित्य के कई अनुवाद |प्रभात रंजन -प्रकाशित कृतियाँ : तीन कहानी संग्रह प्रकाशित, जादुई यथार्थ का जादूगर मार्केज़ (गाब्रियल गार्सिया मार्केज़ के जीवन और लेखन पर एकाग्र हिन्दी में पहली पुस्तक). कोठागोई (मुज़फ़्फ़रपुर की तवायफ़ संस्कृति पर एकाग्र पुस्तक विशेष चर्चित ) ।पुरस्कार/सम्मान : जानकी पुल कहानी के लिए 'सहारा समय कथा सम्मान': जानकी पुल कहानी संग्रह के लिए 'प्रेमचन्द कथा सम्मान'; कृष्ण बलदेव फेलोशिप; 'एबीपी न्यूज़ सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगर सम्मान'; कोठागोई पुस्तक के लिए जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में द्वारका प्रसाद अग्रवाल युवा लेखक पुरस्कार | Jankipul.com नामक प्रसिद्ध वेबसाइट के मॉडरेटर । सम्पर्क : prabhatranja@gmail.com

Trusted for over 49 years

Family Owned Company

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Whatsapp Us