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Jungal Ke Khilaf

by Jiyalal Arya
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788181436610
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 96
  • Original Price: INR 100.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 300 grams
  • BISAC Subject(s): Short Stories (single author)

जंगल के ख़िलाफ़ - कहानियाँ लिखी जाती हैं, किन्तु उनके धरातल, परिप्रेक्ष्य, दिशाएँ और सन्देश रचयिता के व्यक्तित्व के अनुरूप अलग-अलग होते हैं। प्रायः अधिकांश आख्यायिकाओं में तथ्य की रेखाएँ कल्पना के प्रगाढ़ रंगों में इस हद तक रंजित होती हैं कि कथ्य की विश्वसनीयता विक्षत हो जाती है।श्री आर्य की समस्त कथाएँ शब्दों में लिपटी ऐसी अनुभूतियाँ हैं, जो जीवन पुष्प की ओसिल पंखुड़ियों से सद्यः दिखती हैं।इस संकलन की समस्त कहानियाँ जीवन के सरक्त प्रवाह से उद्भूत हुई हैं। इनमें जीवन स्पन्दन है, सस्वर सत्य है और सर्वोपरि आस्वादित जिजीविषा का उच्छलन है। उपभुक्त जैवनिक क्षण इनमें इस सशक्तता से मुखरित हुए हैं कि कल्पना यथार्थ का यह कथात्मक अभिव्यंजन हिन्दी-कथा-साहित्य में अदृश्यपूर्व, अश्रुतपूर्व और आश्चर्यकर है।जियालाल जी की कहानियों का स्थापत्य जटिल कुटिल न होकर सरल, सरस और सुगम है; साथ ही शिल्प रुचिकर, मनोहर, चित्ताकर्षक और सर्वजनसंवेद्य है।जीवन के विमल वृन्त पर उत्फुल्ल ये कथा-कुसुम जन मन-आप्यायक और दिशा-दिशा को सुरभि-सिक्त करने में सक्षम और आधुनिक कथा-रचना के महाकाश को मधु-मकरंद से आपूरित करने में सम्पूर्णतः समर्थ है।

जियालाल आर्य - जन्म : 16 अगस्त, 1941, ग्राम पूरे ऊधो, अमेठी, सुल्तानपुर (उ.प्र.)।शिक्षा : एम.ए. (भूगोल) - इला. विश्वविद्यालय विकास डिप्लोमा (कैंब्रिज विश्वविद्यालय)।कृतियाँ: अमर ज्योति, जय बिरसा, राही, निज प्रिय घर में (काव्य-संग्रह); अलग-अलग रास्ते, विश्वास के अंकुर, सत्य का सफ़रनामा, इज़्ज़त की ज़िन्दगी, चतुरी की माँ (कहानी-संग्रह); आज़ादी के दीवाने, आदिवासी लोक कथाएँ (बाल साहित्य); महाप्राण कर्पूरी ठाकुर, डॉ. अम्बेडकर, कर्पूरी-ए-पोर्ट्रेट (जीवनी): स्वाधीनता समर के देशगीत, स्वतन्त्रता संग्राम बुद्धिजीवियों की भूमिका, छन्द परम्परा का स्मृतिशेष कवि रजपाल (स्वाधीनता संग्राम); सफ़ेद चादर (उपन्यास), दलित कहाँ जायें, आरक्षण और राज्य का दायित्व (समसामयिक)।पुरस्कार : राजभाषा विभाग, बिहार से पुरस्कृत, विक्रमशिला से 'विद्यासागर' उपाधि, साहित्यकार संसद से 'कविश्री' की उपाधि, बोकारो हिन्दी साहित्य परिषद् से 'कविरत्न' की उपाधि, रमन स्वर्णपदक, शिवसागर मिश्र साहित्य पुरस्कार, राष्ट्रकवि दिनकर काव्य पुरस्कार, इनके अतिरिक्त अनेक पुरस्कार एवं सम्मान से विभूषिता।विशेष : भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ पदाधिकारी, बिहार में विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों पर पदस्थापन।

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