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Kabir Ke Aalochak

by Dr. Dharmveer
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788170555469
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 116
  • Original Price: INR 250.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 300 grams
  • BISAC Subject(s): Comics & Graphic Novels

यह पुस्तक कबीर पर मेरी बड़ी योजना का एक हिस्सा है। इसमें मैंने कबीर के ब्राह्मणवादी समीक्षकों को समझना चाहा है। इसमें पता चलता है कि ब्राह्मणवादी समीक्षकों ने कबीर के दर्शन और सामाजिक सन्देश के प्रति तनिक भी सम्मान नहीं बरता । उन्होंने कबीर की नहीं बल्कि कबीर के भीतर रामानन्द ब्राह्मण को बैठाकर उसकी प्रशंसा की है। मूल कबीर से ये सभी बचते हैं। इनकी यह भी कोशिश रही है कि कहीं यह सिद्ध न हो जाये कि कबीर दलितों के किसी पुराने धर्म के प्रचारक या अपने किसी नये धर्म के प्रवर्तक थे। उन सबका उद्देश्य इस सम्भावना पर रोक लगाना है कि हिन्दू धर्म को छोड़कर भारत के दलितों का कोई नया या अलग धर्म भी हो सकता है।- भूमिका से

डॉ. धर्मवीर -जन्म : 9 दिसम्बर 1950शिक्षा : एम.ए., बी.एससी., पीएच.डी., एम.डी. पी. ए., एम.फ़िल्, डी.लिट्. ।1980 के केरल कैडर के आई.ए.एस. अधिकारी रहे ।प्रमुख कृतियाँ : महान आजीवक : कबीर, रैदास और गोसाल (2017), कबीर : 'खसम खुशी क्यों होय?' (2013), प्रेमचन्द की नीली आँखें (2010), मेरी पत्नी और भेड़िया (2009), दलित चिन्तन का विकास (2007), दूसरों की जूतियाँ (2007), तीन द्विज हिन्दू स्त्रीलिंगों का चिन्तन (2007), चमार की बेटी रूपा (2007), दलित सिविल क़ानून (2007), दलित आत्मालोचन की प्रक्रिया (2007), 'जूठन' का लेखक कौन है? (2006), थेरीगाथा की स्त्रियाँ और डॉ. अम्बेडकर (2005), कामसूत्र की सन्तानें (2005), प्रेमचन्द : सामन्त का मुंशी (2005), अशोक बनाम वाजपेयी : अशोक वाजपेयी (2004), डॉ. अम्बेडकर के प्रशासनिक विचार (2004), सीमन्तनी उपदेश (सम्पादित) (2004), कबीर : सूत न कपास (2003), कबीर के कुछ और आलोचक (2002), कबीर : डॉ. हजारीप्रसाद द्विवेदी का प्रक्षिप्त चिन्तन (2000), कबीर और रामानन्द : किंवदन्तियाँ (2000), कबीर : बाज भी, कपोत भी, पपीहा भी (2000), कबीर के आलोचक (1997), सन्त रैदास का निर्वर्ण सम्प्रदाय (पुरस्कृत) (1990), हिन्दी की आत्मा (1989), लोकायती वैष्णव विष्णु प्रभाकर (पुरस्कृत) (1987)।निधन : 9 मार्च 2017

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