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Karmbhoomi

by Premchand
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789387024762
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 284
  • Original Price: INR 375.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 4th Edition
  • Item Weight: 350 grams
  • BISAC Subject(s): Literary

कर्मभूमि प्रेमचंद का राजनीतिक उपन्यास है। इस उपन्यास में विभिन्न राजनीतिक समस्याओं को कुछ परिवारों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। ये परिवार अपनी पारिवारिक समस्याओं से जूझते हुए भी राजनीतिक आन्दोलन में भाग ले रहे हैं। लेखक ने उपन्यास के सभी चरित्रों द्वारा राष्ट्रीय चेतना, आदर्श पारिवारिक व्यवस्था आदि में गांधी दर्शन स्पष्ट किया है।

प्रेमचंद ( 31 जुलाई 1880 -8 अक्टूबर 1936) हिन्दी के सबसे बड़े और सबसे ज़्यादा लोकप्रिय कथाकार हैं। उनका मूल नाम धनपत राय था । उन्होंने लेखन की शुरुआत उर्दू से की। प्रेमचंद की पहली पुस्तक 'सोज़े वतन' जो देशभक्ति की पाँच कहानियों का संग्रह है, अंग्रेज़ शासकों द्वारा ज़ब्त कर ली गयी थी। उसके बाद वे हिन्दी में लिखने लगे। उन्होंने कुल 15 उपन्यास, 300 से कुछ अधिक कहानियाँ, तीन नाटक, दस अनुवाद, बाल-साहित्य की सात पुस्तकें और हज़ारों पृष्ठों के लेख, सम्पादकीय, भूमिका आदि की रचना की । उनके जीवनकाल में ही उन्हें 'उपन्यास सम्राट' माना गया। प्रेमचंद की ख्याति मुख्यतः उनके कथा-साहित्य पर आधारित है ।प्रेमचंद ने हिन्दी उपन्यास और कहानी को परिपक्वता दी। भारतीय समाज का दुःख-दर्द और सामान्य लोगों का जीवन उनके लेखन में पहली बार विविधता और बारीकी से अभिव्यक्त हुआ । प्रेमचंद की कालजयी कृति 'गोदान' को भारत के किसान - जीवन का महाकाव्य माना जाता है । 'रंगभूमि' पर गांधीवाद का प्रभाव है । 'सेवासदन' और 'कर्मभूमि' सुधारवादी उपन्यास हैं। प्रेमचंद के विपुल कथा-साहित्य में साम्प्रदायिकता, भ्रष्टाचार, ज़मींदारी, कर्ज़ख़ोरी, गरीबी, राजनीतिक पराधीनता आदि का प्रभावशाली चित्रण मिलता है ।प्रेमचंद प्रगतिशील विचारधारा के लेखक थे। अपनी बात लोगों तक पहुँचाने के लिए उन्होंने 'हंस' और 'जागरण' पत्रिकाओं का सम्पादन-प्रकाशन भी किया। उनके उपन्यासों और कहानियों पर कई फ़िल्में बनायी गयीं। समय के साथ-साथ प्रेमचंद की प्रासंगिकता बढ़ती जा रही है और कथाकारों की प्रत्येक पीढ़ी उन्हें अपना प्रेरणा पुरुष मानती है।

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