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Kavita Ki Nayi Samvedana

by Vyas Mani Tripathi
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789389915389
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 168
  • Original Price: INR 399.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 350 grams
  • BISAC Subject(s): General

संवेदना कविता की पूँजी है। उसी का विकास वस्तुतः कविता का विकास है। ‘मा निषाद प्रतिष्ठामः' से शुरू हुई यह यात्रा अनवरत गतिमान है तो इसलिए कि संवेदनाएँ कभी मरती नहीं हैं, यद्यपि जीवन-जगत् में हो रहे बदलावों, आवेगों, दबावों और जटिलताओं से उनका स्वरूप बदल जाता है। कभी उनमें क्षीणता आती है तो कभी प्रबलता। कभी हासोन्मुखता तो कभी विकसनशीलता। संयोग से जब भी ऐसा होता है कविता में एक नयापन आता है। जीवन-जगत और समय के जो केन्द्र में होता है कविता उसी को अपना वर्ण्य और प्रतिपाद्य बनाती है। उसी से उसकी दशा और दिशा निर्धारित होती हैं। संवेदन-धारा में परिवर्तन के कारण उसकी मुख्यधारा भी बदलती है। कुछ अक्षुण्ण भाव-बोध और रूप विधान शेष रह जाते हैं लेकिन अनेक आयामों का बदल जाना ही कविता के नयेपन का संकेतक है। कविता का यह नयापन वस्तुतः संवेदना का नयापन है जो स्वातन्त्र्योत्तर हिन्दी कविता में कुछ अधिक ही गाढ़ा और चटख है। जीवन की समग्रता का बोध, मूल्यों के लिए प्रतिबद्धता और संघर्ष, घुटन-टूटन, आस्था और करुणा, परम्परा और प्रयोग, सहजता और संश्लिष्टता को कविता में सम्भव करने की कोशिश कुछ अधिक हुई है। नवता के इस परिप्रेक्ष्य में ही स्वातन्त्र्योत्तर हिन्दी कविता के मूल्यांकनविश्लेषण का कार्य डॉ. त्रिपाठी ने इस पुस्तक में किया है।

व्यास मणि त्रिपाठी जन्म : एक अक्टूबर सन् उन्नीस सौ उनसठ को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिलान्तर्गत बढ़वलिया नामक गाँव में। शिक्षा : गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर से हिन्दी में एम. ए. और पीएच.डी.। प्रकाशित पुस्तकें : कविता, कहानी, निबन्ध, आलोचना की अब तक चौबीस पुस्तकें जिनमें साहित्य अकादेमी, नयी दिल्ली द्वारा जगन्नाथ दास रत्नाकर', नन्ददास, अण्डमान का हिन्दी साहित्य और अण्डमान तथा निकोबार की लोक कथाएँ पुस्तकें शामिल हैं। देश की अनेक पत्र-पत्रिकाओं में लेख, कहानियाँ, कविताएँ और समीक्षाएँ प्रकाशित। सहलेखन : 'भारतीय साहित्य कोश', 'भारतीय लोक-साहित्य कोश', 'भारतीय बाल साहित्य कोश' सहित तीस पुस्तकों में सहलेखन। सम्मान/पुरस्कार : भारत सरकार द्वारा भोपाल में आयोजित दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन में विश्व हिन्दी सम्मान। मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी (मध्य प्रदेश शासन) द्वारा एक लाख रुपये का आचार्य रामचन्द्र शुक्ल आलोचना पुरस्कार वर्ष 2017 प्राप्त। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान (उत्तर प्रदेश सरकार) द्वारा रामविलास शर्मा सर्जना पुरस्कार वर्ष 2017 से पुरस्कृत। विद्या बाचस्पति एवं विद्या वारिधि की मानद उपाधियों सहित अन्य दर्जनों पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त। सदस्यता : साहित्य अकादेमी, नयी दिल्ली की सामान्य परिषद् एवं हिन्दी परामर्श मण्डल के 2013 से 2017 तक सदस्य। पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, संस्कृति मन्त्रालय, भारत सरकार, कोलकाता की गवर्निंग बॉडी के 2009 से 2012 तक सदस्य। राजा राममोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान, कोलकाता के चेयरमैन के द्वारा अण्डमान निकोबार की राज्य पुस्तकालय समिति के नामित सदस्य। पुस्तक चयन समिति के सदस्य। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित पुस्तकें : भवानी प्रसाद मिश्र-अनुभव वैविध्य के अप्रतिम सर्जक, समकालीन संवेदना की परख। सम्प्रति : जवाहरलाल नेहरू राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पोर्टब्लेयर, अण्डमान के हिन्दी विभाग में एसोसिएट प्रोफ़ेसर। मोबाइल: 09434286189

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