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Kitab Zindagi Ki

by Krishna Kanhaiya
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789350723067
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 236
  • Original Price: INR 425.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 500 grams
  • BISAC Subject(s): General

किताब ज़िन्दगी की - कृष्ण कन्हैया की कविताएँ 'स्वयं' से ऊपर होकर, निजी दुःख-सुख से ऊपर उठकर सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत हैं जो किसी कविता के 'अमर' होने के प्राथमिक लक्षण हैं। किसी ने कहा है- ज़िन्दगी की बात क्या है ज़िन्दगी है ज़िन्दगी, खिल गयी तो सुबह है, ढल गयी तो शाम है। कृष्ण कन्हैया ने अपनी पुस्तक किताब ज़िन्दगी की में कई तरह से ज़िन्दगी का विश्लेषण किया है। ज़िन्दगी बचपन से प्रारम्भ होती है और इसके क्षण बड़े सुखदायक होते हैं। इसमें न भेद-भाव, न चिन्ता, न लोभ । बस प्यार ही प्यार है, आनन्द ही आनन्द है कवि ने अपने आनन्दपूर्ण क्षणों का वर्णन करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है— मुझको मेरा बचपन दे दे, मन को वही लड़कपन दे दे। इस कविता में वात्सल्य है, माँ का मनुहार है, अबोध मन की परिभाषा है जिसमें कहा गया है कि बालापन का धन अद्भुत है । कवि अपने तमाम भौतिक सुखों का त्याग करना चाहता है और कहता है - सारा धन-संसार तू ले ले पर बचपन के सुख वे दे दे। ज़िन्दगी जब आगे बढ़ती है तो बचपन बीत जाने पर कवि को महसूस होता है - ज़िन्दगी एक दौड़ है, बैसाखी पर चलने की लाचारी नहीं ।- इसी पुस्तक से

कृष्ण कन्हैया -जन्म स्थान : पटना, बिहार, भारत ।शिक्षा : एम.बी.बी.एस. (ऑनर्स), एम.एस. (सर्जरी), एफ.आर.सी.एस. (एडिनबरा), एम.आर.सी.जी.पी., डी.एफ.एफ.पी. ।संक्षिप्त विवरण : कविता-शायरी के साथ-साथ संगीत का शौक विद्यार्थी जीवन से था जो समय के साथ ज़िन्दगी से जुड़ता चला गया। बचपन में तुकबन्दी करता था पर नियमित रूप से लिखना कॉलेज के दिनों में शुरू हुआ जो 1995 में मेरे इंग्लैंड आने के बाद भी जारी है । विदेश आने के बाद अपनी संस्कृति का गर्व, अपने संस्कार की गरिमा, अपने गाँव की शुद्ध सौंधी खुशबू और अपनी मातृभूमि से अनवरत लगाव मेरी अन्तरात्मा को ज़्यादा उद्वेलित करता था जिसकी झलक अब मैं अपनी कविताओं में महसूसता हूँ।भारत में ‘युववाणी’ और बर्मिंघम के 'एक्स-एल रेडियो' से कुछ ग़ज़लों का प्रसारण । पटना की दैनिक पत्रिका और राँची के मेडिकल कॉलेज की पत्रिका में कविताओं का प्रकाशन ।2005 में 67 कविताओं का कविता-संग्रह प्रकाशित । सूरज की सोलह किरणें, कविता 2007 अभी हाल में प्रकाशित । कविता-संग्रह किताब संवेदना की प्रकाशनाधीन ।सम्प्रति : General Practitioner with Special Interest, Hillcrest Surgery, Kingstanding, Birmingham, B44 0NN West Midlands England, U.K.

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