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Lagta Hai Bekar Gaye Hum

by Kunwar Pal Singh
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788170556619
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 108
  • Original Price: INR 175.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 300 grams
  • BISAC Subject(s): Essays

लगता है बेकार गये हम - मैं तो एक ग़ालिब की तरह हिन्दी का शायर और प्रेमचन्द की तरह हिन्दी का कथाकार हूँ। उर्दू केवल एक लिपि है। और लिपि साहित्य का आधार नहीं होती। लिपि केवल वस्त्र है। भाषा भी मनुष्य ही की तरह कपड़े पहनकर पैदा नहीं होती। चोंचले में माँएँ बच्चों को फ्राक पहना दें तो बच्चे जात के अंग्रेज़ नहीं हो जाते। पर यदि आप यह नहीं मानते और। लिपि ही को सबकुछ समझते हैं तो मलिक मुहम्मद जायसी को उर्दू का शायर मानियें क्योंकि पद्मावत फारसी लिपि में लिखी गयी थी। कुतुबन, ताज़ और उस्मान से भी हाथ धो लीजिए कि यह लोग भी देवनागरी में नहीं लिखते थे।आत्महत्या के कई आसान तरीक़े भी हैं, तो हम गले में किसी लिपि का पत्थर बाँधकर डूबने क्यों जायें?मैं हिन्दी का लेखक हूँ और मैं अपनी हिन्दी उर्दू लिपि में भी लिखता हूँ और देवनागरी में भी और ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने पर, दिनकरजी मैं आपको हिन्दी के एक गुमनाम साहित्यकार की हैसियत से बधाई देता हूँ।

सम्पादन एवं संकलन - कुँवरपाल सिंह - जन्म: जून 1937, अलीगढ़ ज़िले के एक किसान परिवार में।शिक्षा : आरम्भिक शिक्षा गाँव के स्कूल में। उच्च शिक्षा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से। इसी विश्वविद्यालय में तीन दशक से अधिक शिक्षक रहे। कला संकाय के डीन और हिन्दी विभाग के अध्यक्ष पद से जुलाई 1997 में सेवानिवृत्त।लेखन : 1960 से पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेखन।जनवादी लेखक संघ के संस्थापक सदस्य। भारत ज्ञान विज्ञान समिति उ.प्र. की पत्रिका ‘अक्षर बोध' के सम्पादक।कृतियाँ : 1. हिन्दी उपन्यास : सामाजिक चेतना। 2. प्रेमचन्द और जनवादी साहित्य की परम्परा 3. साहित्य और राजनीति। 4.मार्क्सवादी सौन्दर्य शास्त्र और हिन्दी कथा साहित्य। 5. प्रेमचन्द और समसामयिक हिन्दी कथा साहित्य। 6. साहित्य समीक्षा और मार्क्सवाद। 7. राष्ट्रीय नवजागरण और हिन्दी गद्य। 8. साहित्य और हमारा समय(प्रकाश्य)। 9. भक्ति आन्दोलन इतिहास और संस्कृति।राही मासूम रज़ा की अप्रकाशित रचनाओं का सम्पादन।

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