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Manu Ki Drishti Se Hindu Samaj

by Chitra Awasthi
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789392012082
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 144
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): General

समाज को मनु की दृष्टि से देखना अपने आप में एक नया अनुभव है। लंबे समय तक भारतीय समाज को बाँधकर रखनेवाले मनु पर चतुर्दिक होनेवाले वैचारिक प्रहार यह सोचने पर विवश करते हैं कि मनु की समीक्षा इस युग में आवश्यक है। इस पुस्तक को लिखते हुए यह उद्देश्य बिलकुल भी नहीं है कि मनु कि व्यवस्था को पुनः लाने का प्रयास किया जाए। किंतु लेखिका का यह उद्देश्य अवश्य है कि मनु, और इसी बहाने से प्राचीन भारतीय दर्शन को देखने कि एक नई दृष्टि दी जाए। अल्पज्ञ, भारतीय भाषाओं तथा संस्कृति से अनभिज्ञ पाश्चात्य (तथाकथित) भारतविदों के पूर्वग्रहयुक्त ग्रंथों और उनकी टिप्पणियों के आधार पर भारतीय दर्शन के मूल्यांकन को प्रवृत्ति पहले ही बहुत हानि कर चुकी है। अब इससे हटकर इस सबको देखने की आवश्यकता है। मनु की दृष्टि को पूरा समझने के लिए बहुत कुछ वह भी समझना पड़ता है, जो उनसे अनकहा रह गया है । बीच के बिंदु भरने के लिए इस पुस्तक में उनके समकालीन, पूर्व तथा परवर्ती ग्रंथों से संदर्भ भी लिये गए हें, जैसे अर्थशास्त्र, महाभारत, रामायण, कुछ उपनिषद्‌, पुराण, वेद आदि। आशा है यह पुस्तक भारत के प्राचीन समाज तथा जीवन-मूल्यों को देखने की नई दृष्टि की संभावना प्रस्तुत करने के उद्देश्य को पूर्ण करेगी।

चित्रा अवस्थी भारत के उन चुनिंदा विद्याशास्त्रियों में से एक हैं जिन्होंने भारतीय समाज के शास्त्रीय और लौकिक आधारों का अध्ययन सम्यक्‌ रूप से किया है। उन्होंने अपनी पुस्तकों, लेखों और भाषणों के माध्यम से समाजशास्त्र, दर्शन और शिक्षा के तमाम पहलुओं को उजागर किया है। आधुनिक भाषाओं के साथ संस्कृत के गहन ज्ञान के कारण उनमें प्राचीन भारतीय दर्शन को समझने की विशेष योग्यता है। उन्होंने विभिन्‍न मुद्दों पर लगातार अनेकानेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों/सेमिनारों में सहभागिता और अध्यक्षता की है। कानपुर विश्वविद्यालय से स्वर्ण पदक प्राप्त कर उन्होंने स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की । तब से लगातार लेखन और शिक्षण-प्रशिक्षण के कार्य में संलग्न हैं। इसके अलावा डॉ. अवस्थी अपने सामाजिक कार्यो खासतौर से स्किल एजुकेशन से जुड़े विषय और शरणार्थियों की पुनर्स्थापना के लिए जानी जाती हैं । वर्तमान समय में वह ' ऋत फाउंडेशन ' की अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं ।

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