Skip to content

Booksellers & Trade Customers: Sign up for online bulk buying at trade.atlanticbooks.com for wholesale discounts

Booksellers: Create Account on our B2B Portal for wholesale discounts

Marwadi Rajbadi

by Kusum Khemani
Save 35% Save 35%
Current price ₹192.00
Original price ₹295.00
Original price ₹295.00
Original price ₹295.00
(-35%)
₹192.00
Current price ₹192.00

Ships in 7-10 Days

Free Shipping in India on orders above Rs. 500

Request Bulk Quantity Quote
+91
Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788119014569
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 92
  • Original Price: INR 295.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): Literary

मारवाड़ी राजबाड़ी की उस छोरी ने अपनी बातों में हरियाणवी मिश्रित मारवाड़ी भाषा की लचक और लहजे का जो 'छौंक' लगाया था उसे सुनते ही वह साढ़े छह फीटिया साफ़ाधारी इतना ख़ुश हुआ कि उसने हुमक कर उस गुलाबी-परी को अपनी गोद में उठाकर कहा, “हे मेरी लाडो ! जलसे का मतलब होवे है, कई तरियाँ के नाच गाणे, जिसमें ज़मींदार साहब के ख़ास मेहमान आवेंगे।” “नाच भी होवेगा ठाकरा जी।" “हाँ, बेबी साहिबा, वो तो होणा ही है।” यह सुनते ही वह महारानी ठाकरा जी की गोद से ऐसी तेज़ी से फिसली जैसे बच्चे फिसलने से फिसलते हैं। उसकी इस हरकत से बेचारे ठाकरा जी तो ऊक-चूक हो गये और ओय! ओय! करते हुए उसे सँभालने के लिए तेज़ी से आगे बढ़े ही थे कि बहादुर ने उनकी पीठ को दिलासा में थपथपाकर कहा, “साबजी उसको कुछ नहीं होगा। आप उसको जानता नहीं है, ऊपर आकाश में जब भगवान बदमाशी बाँटता था, तब इसने उसे अपना सिर में सबसे जादा भर लिया था।"- इसी पुस्तक का एक अंश

कुसुम खेमानी -जन्म : 19 सितम्बर 1944शिक्षा : कलकत्ता विश्वविद्यालय से पीएच.डी. ।सृजन : सचित्र हिन्दी बालकोश, हिन्दी-अंग्रेज़ी बालकोश, सच कहती कहानियाँ, एक अचम्भा प्रेम, अनुगूँज ज़िन्दगी की, एक शख़्स कहानी-सा, कहानियाँ सुनाती यात्राएँ, कुछ रेत... कुछ सीपियाँ... विचारों की, कुसुम खेमानी की लोकप्रिय कहानियाँ, लावण्यदेवी, जड़ियाबाई, गाथा रामभतेरी, लालबत्ती की अमृतकन्याएँ (उपन्यास) । लावण्यदेवी बांग्ला भाषा में बांग्लादेश से प्रकाशित। यह उपन्यास बांग्ला के अलावा नेपाली, तमिल, मलयालम, ओड़िया, राजस्थानी एवं मराठी भाषाओं में भी प्रकाशित ।प्रमुख सम्मान : ‘कुसुमांजलि साहित्य सम्मान' (दिल्ली), 'साहित्य भूषण सम्मान' (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान), 'हरियाणा गौरव सम्मान' ( हरियाणा साहित्य अकादमी), 'लावण्यदेवी' उपन्यास के अंग्रेज़ी अनुवाद को पेन अमेरिका लिटररी अवार्ड का विशेष ग्रांट एवं पं. माधवराव सप्रे छत्तीसगढ़-मित्र साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान-2021 |ई-मेल : kusumkhemani1@gmail.com

Trusted for over 49 years

Family Owned Company

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Whatsapp Us