Skip to content

Booksellers & Trade Customers: Sign up for online bulk buying at trade.atlanticbooks.com for wholesale discounts

Booksellers: Create Account on our B2B Portal for wholesale discounts

Medini Rai : Jharkhand ki Hunkar

by Dr. Meetu Sinha
Save 30% Save 30%
Current price ₹175.00
Original price ₹250.00
Original price ₹250.00
Original price ₹250.00
(-30%)
₹175.00
Current price ₹175.00

Ships in 7-10 Days

Free Shipping in India on orders above Rs. 500

Request Bulk Quantity Quote
+91
Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789347401275
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 120
  • Original Price: INR 250.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

हम इस पुस्तक में जिस काल को इंगित करने या जिसकी चर्चा करने जा रहे हैं, उसे इतिहास की पुस्तकों में मुगलों का ही काल कहा गया है। यह वह काल था, जब हमारे झारखंड में कई राजवंश पनप रहे थे। इनमें नागवंश, चेरोवंश और सिंहवंश प्रमुख थे। ये वे राजवंश थे, जिन्होंने मुगलों का दंश झेला था और जमकर उनका सामना भी किया था। इनके प्रतिकार की शक्ति को मुगल कम नहीं कर पाए थे। ऐसे कई अवसर आए, जब झारखंड के वीर राजाओं को हार का सामना करना पड़ा, पर न उन्होंने कभी हार मानी, न हथियार डाले। लगातार संघर्ष करते रहे और हमें अपना सम्मान करने के योग्य बने रहने के लिए अपनी वीरता की कई कहानियाँ धरोहर स्वरूप सौंप गए।मध्यकालीन झारखंड ने कई युद्धों से साक्षात्कार किया, कई समस्याओं का सामना किया, कई दंश झेले, फिर भी दृढ़ खड़ा रहा। लगभग सभी मध्यकालीन आक्रांता शासकों ने झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों पर आक्रमण किए। आक्रांताओं और मुगलों ने इसे लूटने का भरसक प्रयास किया। इन सभी के विरुद्ध समय-समय पर झारखंड की माटी ने ऐसे वीर पुत्रों को जन्म दिया, जिन्होंने इसकी रक्षा ही नहीं, वरन् अपनी जननी जन्मभूमि का गौरव और मान भी बढ़ाया।ऐसे ही एक वीर पुत्र मेदिनी राय की कथा इस पुस्तक के माध्यम से आपके समक्ष लाने की एक कोशिश है। मेदिनी राय अर्थात् झारखंड का सम्मान और हम सबकी शान।

डॉ. मीतू सिन्हा का जन्म 1 नवंबर, 1981 को पटना, बिहार में श्री अजय प्रकाश सिन्हा और श्रीमती शोभा सिन्हा की प्रथम संतान के रूप में हुआ। राँची विश्वविद्यालय से एम.एससी. तथा विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से पीएच.डी. की डिग्री प्राप्त की।2007 से झारखंड शिक्षा परियोजना में सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। साहित्य में लगातार अपना योगदान दे रही हैं। उनकी 11 पुस्तकें - जिनमें चार उपन्यास, एक कविता-संग्रह, एक खंड-काव्य, तीन प्रबंध-काव्य तथा अंग्रेजी की पर्यावरण आधारित दो पुस्तकें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उनके लेख और कविताओं से सज्जित 20 से अधिक साझा संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। डिजिटल मंचों तथा अखबारों में उनके लेख और कविताएँ छपती रहती हैं।साहित्य के क्षेत्र में मिले सम्मानों में इंडो ग्लोबल एक्सीलेंस अवार्ड-2017, वर्ल्ड एजूकेशनल एक्सीलेंस अवार्ड-2017, इंडियन अचीवमेंट अवार्ड-2018, इंडियन बेस्टीज अवार्ड-2021, बेस्ट वूमेन राइटर-2021, राष्ट्र गौरव सम्मान-2022, राष्ट्र प्रेरणा अवार्ड-2022, इंडिया इंडिपेंडेंट इन्सपिरेशन अवार्ड-2022, डायनेमिक वूमेन राइटर-2024 एवं उत्कृष्ट लेखन के लिए कलाभूषण पुरस्कार-2025 प्रमुख हैं।

Trusted for over 49 years

Family Owned Company

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Whatsapp Us