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Meel Ke Patthar

by Dr. Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789350002131
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 96
  • Original Price: INR 225.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): General

मील के पत्थर –पहली कहानी 'प्रायश्चित' से लेकर ग्यारहवीं कहानी 'आनन्द मरते नहीं' तक की कहानियों में हम 'निशंक' की कथा-दृष्टि को पहचान सकते हैं। भूमण्डलीकरण के इस भयावह दौर में रेत होते रिश्तों, जड़ होते समाज और महा बाज़ार में मनुष्य मात्र के अस्तित्व के क्षरण को वे बहुत बारीकी से देखते हैं तथा घटनाओं एवं चरित्रों के अन्तर्द्वन्द्वों, आशा-निराशाओं और वातावरण के घटकों में उतने ही उजले या धूसर रंगों से बुनते चले जाते हैं। एक सुकोमल कंट्रास्ट में। 'निशंक' की कहानियों का सहृदय पाठक इस सहज बुनावट वाली कहानियों को पढ़कर द्रवित हो उठता है। उनकी कहानियों के पाठक सहज ही उनके पात्रों के साथ जुड़ जाते हैं। यही कारण है कि उनकी कहानियों का प्रभाव इतना गहरा होता है कि जिस तरह कहानियों के पात्रों का मन परिवर्तित होता है, उसी तरह पाठकों का मन भी बदलने लगता है। अँधेरे के बीच उनकी कहानियों के पात्र दीपस्तम्भ की तरह प्रकाशित होते दिखाई देते हैं - अपने समर्पण और आदर्श की रोशनी से आवृत। मृत्यु का वरण कर नए जीवन का बीज रोपते-जैसे। आश्चर्य यही होता है कि अधिकांश कहानियों के प्रमुख पात्र अन्त में मृत्युगत हो जाते हैं; किन्तु अपनी मृत्यु को एक अर्थ दे जाते हैं। कहानीकार इस सार्थक मृत्यु को श्रद्धा के साथ सामने लाता है - समाज को दिशा देने के उद्देश्य से। जीवन-मूल्यों को बचाये रखने के लिए सम्भवतः यह उत्सर्ग आवश्यक लगता है। इसीलिए ये सब 'मील के पत्थर' हैं!

रमेश पोखरियाल 'निशंक' - जन्म : 15 अगस्त, 1959, ग्राम-पिलानी, जनपद-पौड़ी गढ़वाल।शिक्षा: पत्रकारिता में एम.ए. व पीएच.डी.। प्रकाशित कृतियाँ : डेढ़ दर्जन से अधिक काव्य संकलन,कथा संग्रह व उपन्यास प्रकाशित। अनुवाद : ऐ वतन तेरे लिए काव्य संकलन व खड़े हुए प्रश्न मद्रास विश्वविद्यालय के सौजन्य से। तमिल व तेलुगु भाषा में अनुवाद।सम्मान : राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रचनाओं के लिए तीन राष्ट्रपतियों द्वारा सम्मान। विभिन्न संस्थाओं द्वारा दिल्ली में साहित्य भारती व मुम्बई में साहित्य चेता सम्मान। कोलम्बो अन्तर्राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टर ऑफ़ साइंस की मानद उपाधि।हिन्दी के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान व उत्कृष्ट साहित्य सर्जन हेतु दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा व तमिलनाडु हिन्दी अकादेमी व भाषा संगम, चेन्नई द्वारा सम्मानित। अन्तर्राष्ट्रीय मैत्री समिति और प्रवासी भारतीय सम्मेलन में भारत गौरव सम्मान, 2008। उत्तराखण्ड गौरव, हिमालय गौरव व साहित्य भूषण आदि अनेक सम्मानों से सम्मानित।

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