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Meri Bharat Yatra

by Eiko M. Tagore
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789362879707
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 182
  • Original Price: INR 495.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 400 grams
  • BISAC Subject(s): General

मेरी भारत यात्रा - कोलकाता के उत्तर में, दर्पणारायण टैगोर स्ट्रीट पर मेरे ससुराल में मेरा जीवन टैगोर परिवार की एक सुशील बहू बनने के लिए था। बड़ों के प्रति आदरभाव, धार्मिक अनुष्ठानों में भागीदारी, और पहनावे, खाने और रहने की सूक्ष्म बातों तक, मुझे उन तरीक़ों का पालन करना था जो मुझे अभी सीखने थे। यह मेरी चुनी हुई राह थी, और यही एकमात्र तरीक़ा था जिससे मैं यहाँ आनन्द से रह सकती थी। प्रतिदिन मैं अपने सिर को साड़ी से ढके हुए सास और नौकरों के साथ रसोई की ठण्डे सीमेंट वाले फ़र्श पर बैठकर, बोंटी के नाम से जाने जाते चाकू से सब्ज़ियों और मछलियों को काटती थी। मैंने सोचा कि मुझे अपने आप को अब जापानी नहीं समझना चाहिए। एक दिन, एक परिचित के माध्यम से, मुझे जापानी भाषा के दुभाषिए का काम मिला । मुझे लग गया कि यह कोलकाता में बहू के रूप में जीवन बिताते रहने से बाहर निकलने का मौक़ा है। उसी समय मुझे शिमला आने का अवसर मिला । वहाँ मैंने देखा था, बर्फ से ढके विशाल हिमालय के पर्वत, हिमालय में देवदार के जंगल, विभिन्न आकार के फर्न और पहाड़ी घास के झुरमुट, और चेरी और सेब के पेड़ों का झुण्ड । ताज़ी हवा और स्वच्छ पानी । इस प्राकृतिक सौन्दर्य को निहारते हुए, मैंने बहुत दूर अपनी मातृभूमि जापान के बारे में सोचा, जहाँ मेरे पिता और माँ रह रहे थे । उनको याद करके उस समय, मैं भारत आने के बाद पहली बार ज़ोर से रोयी।

एको एम. टैगोर -जापान के टोक्यो में 1936 में जन्म हुआ। 1958 में संदीप के. टैगोर से शादी की। 1960 में टोक्यो में अओयामा-गकुइन विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, 1974 में ऑक्सफोर्ड के सोमरविले कॉलेज में शोध कार्य किया। 1975 से 2006 तक ओसाका में ओतेमोन-गकुइन विश्वविद्यालय में लेक्चरर के रूप में काम किया। मेरे मन का भारत, भारत में बहू का जीवन और अन्तर-सांस्कृतिक अनुभव का आनन्द इत्यादि अनेक पुस्तकें प्रकाशित हैं । भारतीय लोक कथाएँ– हीरामन तोता, मनुष्य न बना गधा और दोलदोलदोलनी–बंगला भाषा का परिचय आदि अंग्रेज़ी से जापानी के अनुवाद भी प्रकाशित हैं । जापान पेन क्लब और जापान लेखक संघ की सदस्य हैं।★★★तोमोका मुशिगा -जापान के गिफ़ू ज़िले में 1987 में जन्म हुआ। टोक्यो विश्वविद्यालय से स्नातक और परास्नातक की शिक्षा पूरी की । इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग से 'शास्त्रों की परम्परा और वास्तविक आचरण का सम्बन्ध : हिन्दू तीर्थ गया और श्राद्ध कर्म' विषय पर पीएच. डी. की उपाधि प्राप्त की। जापान सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ़ साइंस की शोधार्थी होने के बाद, क्योटो विश्वविद्यालय के हकुबि सेंटर में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के रूप में शोध कार्य किया। अब ओसाका विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर पद पर कार्यरत हैं। प्राचीन काल से वर्तमान तक के हिन्दू धर्म पर शोध करती रही हैं। श्राद्ध कर्म, कर्मकाण्ड, व्रत-त्योहार और हिन्दुओं के तीर्थ-स्थलों पर अनेक शोध-पत्र प्रकाशित हैं।

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