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Milna, Meera Ki Tarah Poems Book In Hindi

by Bhagyesh Jha
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789392013720
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 112
  • Original Price: INR 250.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

किसी भी कवि की कसौटी उसके गीत होते हैं। सबकुछ अनायास व्यक्त हुआ है, भावक को ऐसी प्रतीति होनी चाहिए। भाग्येश झा के गीत इसकी प्रतीति कराते हैं। इसका कारण यह है कि वे किसी प्रवाह के दबाव में नहीं लिखे गए। डाल पर अचानक पक्षी बैठ जाए, इस तरह उन्हें गीत की पंक्ति मिलती है। वे सहज रूप से लिखते हैं, खींचतान करके संयोजन नहीं मिलाते। कुछ कवि लय पर आकर्षित हो जाते हैं या खो जाते हैं, परंतु यह कवि लय-तान को सँभालकर काव्य के अर्थ का पूर्ण जतन करता है। कभी ऐसा लगता है कि एकांत से बात करते हों, ऐसी लय ले आते हैं। 'मिलना मीरा की तरह' काव्य-संग्रह में उनकी लोकप्रिय रचनाएँ सम्मिलित हैं, जिसमें इन सारे भावों की प्रतीति होती है।- सुरेश दलाल, गुजरात के वरिष्ठ साहित्यकार

डॉ. भाग्येश झा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं समकालीन गुजराती साहित्य के एक विख्यात रचनाकार हैं। कविता, ललित निबंध एवं विवेचन में उनकी विशेष गति है। हास्य साहित्य में भी उनकी सद्यः प्रकाशित 'चंद्रभद्र कथा' काफी लोकप्रिय है। गीत, कविता में उनके तीन संग्रह और चार निबंध संग्रह वर्तमान साहित्य प्रवाह के प्रतिनिधि उदाहरण हैं।संस्कृत साहित्य के तेजस्वी छात्र होने के कारण भाग्येशजी की शैली में विशेष कल्पकता एवं संस्कृति-चिंतन प्रकट होते हैं। गुजरात के प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में उनके स्तंभ लोकप्रिय हैं। हास्य-व्यंग्ययुक्त वक्तव्य के लिए न केवल गुजरात में, बल्कि जहाँ-जहाँ गुजराती रहते हैं, विश्व के ऐसे कई देशों में एक जनप्रिय वक्ता के रूप में वे प्रख्यात हैं। उन्हें कई पुरस्कार एवं सम्मान मिले हैं, जिनमें गुजराती का प्रसिद्ध हरींद्र दवे पारितोषिक, महाराष्ट्र-गुजराती अकादेमी का नर्मद चंद्रक प्रमुख हैं। प्रशासनिक सेवाओं के लिए दो बार बेस्ट कलेक्टर और प्रधानमंत्री का सिविल सर्विस पारितोषिक भी मिला है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी वर्तमान गुजराती साहित्य का एक मजबूत और आधुनिक हस्ताक्षर हैं।

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