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Mister Kharsel

by Radhamohan Mahapatra Hindi
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789389915846
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 276
  • Original Price: INR 495.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 400 grams
  • BISAC Subject(s): General

'मेरे अपने जीवन में पढ़ी हुई पुस्तकों में से राधामोहनजी के। जंगल जीवन पर आधारित उपन्यास 'मिस्टर खरसेल' एक अनन्य तथा अनुपम कृति है। निश्चित रूप से मैं स्वीकार करता हूँ कि हो सकता है यदि इस नव साहित्य सर्जना को उन्मोचन करने का सुअवसर मुझसे छूट जाता तो मन में एक अफ़सोस अवश्य रह जाता। यह पुस्तक न केवल प्राणी प्रीति का कोई विशेष दस्तावेज़ है बल्कि यह आज स्वार्थपरक मनुष्य कैसे वन्यप्राणी और उनके विकास को लूट कर उन्हें विपन्न एवं निश्चिन्ह कर रहा है, इस तथ्य का इस उपन्यास में अति चमत्कारिक ढंग से वर्णन हुआ है। 'वन के राजा कौन?' परिच्छेद में हाथियों का बाघों के साथ आपसी कलह और वाक्युद्ध ख़ूब प्रभावशाली हो पाया है। यह मनुष्य के प्रति एक 'महाविपत्ति को परोक्ष में आमंत्रित करने की बात को भी लेखक ने दर्शाया है। यह पस्तक साहित्य जगत में एक चिरोज्ज्वल चिरभास्वर कति हो सकती है, प्रकति-मोदी और प्राणी प्रेमी। पाठक समाज में इसके प्रचार-प्रसार की मैं कामना करता हूँ। जानकी वल्लभ पटनायक पूर्व राज्यपाल, असम पूर्व मुख्यमन्त्री, ओडिशा पूर्व कुलपति, तिरुपति संस्कृत विश्वविद्यालय, आन्ध्र प्रदेश

राधामोहन महापात्र अवसरप्राप्त वरिष्ठ प्रशासक जन्म : 3 फरवरी 1944 शिक्षा : एम.ए. यद्यपि मुलाजमत करना उनकी जीविका हुआ करती थी, फिर भी जंगल उनका जीवन था। युवावस्था से ही उन्होंने ओडिशा के अनेक दुर्गम इलाकों का भ्रमण किया और एक प्रकृति-प्रेमी वनचारी के रूप में सुपरिचित हैं। वक़्त करवट ले चुका है। परिवर्तन के स्वर हृदय के द्वार खटखटाता है, स्याही और कलम बन जाते हैं मित्र। वे लिख चुके हैं चौदह उपन्यास और तीन कहानी संकलन के स्रष्टा हैं। साहित्य अकादेमी और बहु मानपत्र तथा कई प्रतिष्ठानों की ओर से सम्मानित व पुरस्कृत भी हुए हैं। प्रकृति के एकनिष्ठ उपासक जीवदया वन्यप्राणी तथा वृक्ष संरक्षण जैसी कई संस्थाओं में सक्रिय समद्रष्टा हैं। लेखनी के साथ वन्य प्राणियों के संरक्षण हेतु उत्सर्गीकृत हैं; सबके सम्माननीय श्री राधामोहन।

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