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Natyadarshan

by Sangeeta Gundecha
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789350722138
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 160
  • Original Price: INR 350.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 350 grams
  • BISAC Subject(s): General

नाट्यदर्शन - पिछले लगभग पाँच दशकों में जिन रंगनिर्देशकों ने भारतीय रंगमंच पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है, उनमें कावालम नारायण पणिक्कर, हबीब तनवीर और रतन थियम प्रमुख हैं। इन रंगनिर्देशकों ने रंगव्यवहार और रंगविचार दोनों में ही अपना योगदान किया है। पारम्परिक रंगदृष्टि से इन तीनों महान निर्देशकों ने अपनी तरह से सम्बन्ध बनाकर समकालीन रंगव्यवहार को नया आधार और नयी दिशा प्रदान की है। संगीता गुन्देचा वर्षों तक इन विभूतियों से रंगमंच, कला और जीवन सम्बन्धी विषयों पर गहन संवाद करती रही हैं। वे इन रंगनिर्देशकों के नाटकों की उत्सुक दर्शक और सक्षम समीक्षक भी रही हैं। स्वयं नाट्यशास्त्र की विशेषज्ञ होने के कारण संगीता इन रंगनिर्देशकों के विचारों को उस ओर ले जाने में सफल रही हैं, जिसे हम चाहे तो हमारे समय का नाट्यदर्शन कह सकते हैं। दूसरे शब्दों में ये संवाद समकालीन भारत के सम्भावित नाट्यशास्त्र की पीठिका हैं। इनमें रंगकर्म के दार्शनिक आधार बनते दिखाई देते हैं और साथ ही रंगव्यवहार की भी नयी राहें खुलती हुई अनुभव होती हैं। इस दृष्टि से ये संवाद न केवल रंगकर्म के सिद्धान्तकारों के लिए महत्व के हैं बल्कि इनमें छुपी रंगव्यवहार की नयी सम्भावनाएँ युवा रंगनिर्देशकों, अभिनेताओं, दर्शकों और अन्य रंगकर्मियों के लिए भी अर्थपूर्ण सिद्ध होंगी।

संगीता गुन्देचा - कवि,कथाकार,निबन्धकार, नाट्य-अध्यता,अनुवादक।जन्म - उज्जैन, मध्य प्रदेश में।प्रकाशित पुस्तकें - भास का रंगमंच, समकालीन रंगकर्म में नाट्यशास्त्र की उपस्थिति, उदाहरण काव्य, मटमैली स्मृति में प्रशान्त समुद्र (जापानी कवि शुन्तारो तानीकावा की कविताओं के हिन्दी अनुवाद)।भारत सरकार के संस्कृति मन्त्रालय की नाट्यसिद्धान्त (साहित्य) की अध्येतावृत्ति।उच्च अध्ययन केन्द्र, नान्त (फ्रांस) की नाट्यशास्त्र पर कार्य के लिए अध्येतावृत्ति।'मास का रंगमंच' को मध्य प्रदेश शासन का भोज पुरस्कार।सदस्य सम्पादक मण्डल-"नाट्यम्", डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय की संस्कृत नाट्य एवं नाट्यशास्त्र पर केन्द्रित पत्रिका 'संस्कृतविद्वत्परिचायिका राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान', नयी दिल्ली।राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नयी दिल्ली (मानित विश्वविद्यालय) के भोपाल परिसर में सहायक प्राध्यापक (साहित्य) एवं समन्वयक, नाट्यशास्त्र अनुसन्धान केन्द्र।

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