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Ras-Siddhant Ki Pramukh Samasyayen

by Dr. Satyadev Choudhary
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789355181220
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 256
  • Original Price: INR 299.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 300 grams
  • BISAC Subject(s): General

डॉ. सत्यदेव चौधरी – जन्मस्थान : 1920, जतोई ज़िला मुज़फ्फ़रगढ़ (अब पाकिस्तान में)।शैक्षिक योग्यता : शास्त्री (पंजाब यूनिवर्सिटी, लाहौर), एम.ए. (संस्कृत तथा हिन्दी, दोनों प्रथम श्रेणी में), पीएच.डी. (हिन्दी) दिल्ली विश्वविद्यालय |अध्यापन : हिन्दी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय (1950-1983), इंडॉलोजी डिपार्टमेंट, ट्यूबिंगन यूनिवर्सिटी, ट्यूबिंगन (जर्मनी) : प्रोफ़ेसर संस्कृत तथा हिन्दी | इन दिनों दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन-कार्यरत (अवैतनिक)। अनुसन्धान-निर्देशन : लगभग तीस छात्रों द्वारा एम.फिल. और पीएच.डी. के लिए शोध-प्रबन्ध दिल्ली विश्वविद्यालय से। विशिष्ट अध्ययन-अध्यापन : भारतीय काव्यशास्त्र, वैदिक साहित्य, भाषाविज्ञान, मध्यकालीन हिन्दी-साहित्य | रामकृष्ण जयदयाल डालमिया श्रीवाणी न्यास, नयी दिल्ली के निदेशक भी रहे। प्रमुख ग्रन्थ : हिन्दी रीति-परम्परा के प्रमुख आचार्य (शोध-प्रबन्ध), भारतीय काव्यशास्त्र, भारतीय काव्यशास्त्र : सुबोध विवेचन (संक्षिप्त संस्करण), काव्यशास्त्र के परिदृश्य, भारतीय शैलीविज्ञान, शैलीविज्ञान और भारतीय काव्यशास्त्र, संस्कृत-समीक्षा : सिद्धान्त और प्रयोग, रुद्रट-प्रणीत काव्यालंकार, हिन्दी काव्यादर्श (प्रथम परिच्छेद), हिन्दी अभिज्ञानशाकुन्तल, हमारी भाषा-परम्परा, ऋग्वेदीय संवाद-सूक्त, Dialogue Hymns of Rgveda, ऋग्वेद के दार्शनिक-सूक्त, Philosophical Hymns of Rgveda, वैदिक साहित्य : परिदृश्य और परम्परा, ईशोपनिषद् (हिन्दी तथा अंग्रेज़ी में, मुक्त छन्द में), स्वयंभू-कृत पउमचरिउ तथा रिट्ठेणमिचरिउ का संक्षिप्त विश्लेषण, Glimpses of Indian Poetics, The Behari Satasai (English Translation in Free verse) |बाल-साहित्य : हिन्दी में : शिक्षाप्रद और सरस बाल-कहानियाँ (12 पुस्तकें), क्या थे वे डायनासोर!, भारतीय स्वतन्त्रता-संघर्ष की कहानी, हमारे दाँत, बच्चे की उत्पत्ति, अंटार्कटिका, टाइटैनिक जलयान, रोमांचिकी, चन्द्रतल पर मानव के पहले चरण।संस्कृत : सरसा: शिक्षाप्रदा: बालकथा : (3 पुस्तकें), के ते आसन डायनासोरा:!, भारतीय स्वतन्त्रता-संघर्षगाथा, अस्माकं दन्ताः, शिशोःउत्पत्ति, दक्षिणध्रुवप्रदेशः, टाइटैनिक-जलयानम्, रोमाइंचीकी, चन्द्रतले मानवस्य प्रथमं पदार्पणम्।पुरस्कार : पंजाब सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, डालमिया पुरस्कार-समिति, दिल्ली संस्कृत अकादमी तथा दिल्ली हिन्दी अकादमी द्वारा अनेक पुरस्कार।

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