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Rashtra Rashtriyata Navrashtriyata

by K. Vanaja
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789352295401
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 190
  • Original Price: INR 495.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 350 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

आज का साहित्य सांस्कृतिक बहुलता को गुंजायमान करता है। यह परिकल्पना अथवा अवधारणा नवराष्ट्रीयता का सबसे वांछनीय स्वर है। इसमें स्वदेशी स्वावलम्बन की भावना है, जो स्वाधीनता के मूल्य को उद्घाटित करती है। भारत में स्वाधीनता आन्दोलन के समय रूपायित स्वदेशी राष्ट्रीयता की परिष्कृत एवं विकसित संकल्पना है नवराष्ट्रीयता। उसमें अपनी ज़मीन की महक है, बहुस्वरता है, वह आदर्श राष्ट्रीयता है । जब राष्ट्रों की रूपायिति हुई विशेषकर पाश्चात्य जगत् में हिंसा को आधार बनाया गया था । इसलिए वहाँ अब भी हिंसात्मक वृत्ति का बोलबाला ज़ारी रहता है। लेकिन भारत को राष्ट्र बनाने के आदर्श में हिंसा का कोई स्थान नहीं रहा था । इसलिए आज भारत की स्थिति में जो विच्छिन्नता आ गयी उसे एक साथ मिलाकर एक स्वर में अनेक स्वरों को गुंजरित करना है । यह गौरवपूर्ण कार्य समकालीन साहित्य करता रहा है। इसलिए आ 'नवराष्ट्रीयता' एक मानसिक प्रवृत्ति है। जब यह प्रवृत्ति प्रबल हो जाती है तो किसी प्रान्त या देश के निवासियों में भ्रातृभाव जाग्रत हो जाता है । तब उनमें रूढ़ियों से पैदा होनेवाले भेद पुराने संस्कारों से उत्पन्न होने वाली भिन्नताएँ जैसे जाति, वर्ण, वर्ग, लिंग, वंश और रीति एवं धार्मिक विषमताएँ एक प्रकार से मिट जाती हैं।इसी पुस्तक से

के. वनजाजन्म : 15 नवम्बर, 1959शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी), पीएच.डी., डी. लिट. प्रकाशित पुस्तकें : माखनलाल चतुर्वेदी की रचनाओं में मानव मूल्य, हिन्दी उपन्यास आज, समीक्षा का साक्ष्य, चित्रा मुद्गल : एक मूल्यांकन, साहित्य का पारिस्थितिक दर्शन, इको-फेमिनिज़्म, मलयालम भाषा, साहित्य एवं संस्कृति, हरितभाषा वैज्ञानिक विमर्श (आलोचना), तुलना और तुलना (तुलनात्मक अध्ययन), पाण्डवपुरम (अनुवाद), भारतीय कहानियाँ, समकालीन हिन्दी कहानियाँ, स्त्री लेखन, हिन्दी काव्य यात्रा (सम्पादित), भारत की विभिन्न पत्रिकाओं में क़रीब सौ लेख प्रकाशित। नवभारत टाइम्स में कॉलम लेखन, सौ से ज़्यादा अन्तरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय संगोष्ठियों में पत्र प्रस्तुति ।पुरस्कार एवं सम्मान :1. 9वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में जोहान्सबर्ग में सम्मानित । 2. कमला गोयनका पुरस्कार 'इको फेमिनिज़्म' किताब के लिए।3. केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय के हिन्दीतर प्रदेश हिन्दी लेखकों को दिये जानेवाले पुरस्कार 'इको-फेमिनिज़्म' के लिए।4. कई गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा सम्मान । सम्प्रति : प्रोफ़ेसर, हिन्दी विभाग, कोच्ची विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कोच्ची-682022सम्पर्क : ‘अभिरामम्’, सुरभी रोड, इडप्पल्ली पी.ओ., कोच्ची-682024मोबाइल : 09495839796

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