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Ravindra Gita

by Ravindra Jain
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Book cover type: PaperBack
  • ISBN13: 9789355210043
  • Binding: PaperBack
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 152
  • Original Price: INR 200.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): Hinduism / General

भगवान् श्रीकृष्ण संपूर्ण सृष्टि के सबसे बड़े आकर्षण, सबसे बड़े सम्मोहन और सबसे बड़ी उपलब्धि हैं। इन्हीं भगवान् श्रीकृष्ण का दिव्य वचनामृत है—‘श्रीमद्भगवद्गीता’। यह भगवान् श्रीकृष्ण का परम आदेश, परम निर्देश तो है ही, साथ ही यह संपूर्ण मानवता का परम उपयोगी संविधान भी है।चूँकि ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ जीवमात्र के लिए परम उपयोगी और संपूर्ण मानवता के लिए एक संविधानस्वरूप है, इसलिए इस महाउपयोगी महाग्रंथ का सरल और सर्वग्राही होना परम आवश्यक है।‘रवीन्द्र गीता’ भगवान् श्रीकृष्ण द्वारा उपदेशित मूल श्रीमद्भगवद्गीता का सरल हिंदी पद्यानुवाद है।सरस्वती-पुत्र, परम संगीत-साधक, विलक्षण सृजन प्रतिभा के धनी रवींद्र जैनजी ने संगीत की सेवा से संपूर्ण विश्व में ईश्वर की महिमा और भक्ति-भावना को एक नई ऊँचाई, एक नया स्वरूप, एक नया आकर्षण दिया। ‘रामायण’, ‘श्रीकृष्ण’, ‘जय हनुमान’ जैसे अनेकानेक पौराणिक विषयों को ग्रंथों से निकालकर संगीत और स्वर से सजाकर जनसामान्य तक सरलता, व्यापकता और पूरी सफलता के साथ पहुँचाया।यह कृति योगेश्वर श्रीकृष्ण के शाश्वत संदेश को जनमानस तक पहुँचाकर समाज में सकारात्मकता और सद्मूल्यों को विकसित करे, तो इसका लेखन तथा प्रकाशन सार्थक होगा।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री रवीन्द्र जैन विश्वप्रसिद्ध गीतकार, संगीतकार तथा गायक थे। उन्होंने अपने कृतित्व से भारतीय साहित्य और संगीत को बहुत समृद्ध किया। उनकी अधिकांश फिल्मों ने रजत जयंती तथा स्वर्ण जयंती मनाई, जिनमें कुछ प्रमुख हैं—‘सौदागर’, ‘चोर मचाए शोर’, ‘गीत गाता चल’, ‘फकीरा’, ‘अँखियों के झरोंखों से’, ‘दुल्हन वही जो पिया मन भाए’, ‘चितचोर’, ‘नदिया के पार’, ‘ब्रजभूमि’, ‘राम तेरी गंगा मैली’, ‘हिना’, ‘विवाह’ आदि। रामायण, श्री कृष्ण, जय हनुमान, साईं बाबा जैसे अनेक ऐतिहासिक धारावाहिकों में भी उनका ही गीत-संगीत है। साहित्य और संगीत की सेवा करते हुए उन्हें अनेक महत्त्वपूर्ण तथा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों एवं सम्मानों से विभूषित किया गया, जिसमें कुछ उल्लेखनीय हैं—फिल्म फेयर अवार्ड, दादा साहेब फाल्के अवार्ड, लता मंगेशकर अवार्ड, स्वामी हरिदास, संगीत सम्राट्।रामायण का उनके द्वारा किया पद्यानुवाद ‘रवीन्द्र रामायण’ अत्यंत लोकप्रिय हुआ। अपने जीवन पर आधारित पुस्तक ‘सुनहरे पल’ तथा गजल-संग्रह ‘दिल की नजर से’ प्रकाशित। कुरान शरीफ का अरबी भाषा से सरल उर्दू में अनुवाद भी किया है। जैन धर्म के ‘बालबोध’ का पद्यानुवाद किया।

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