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Tatpurush

by Ashok Vajpeyi
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788126726561
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Rajkamal Prakashan
  • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 132
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Ed.
  • Item Weight: 320 grams
  • BISAC Subject(s): General

अशोक वाजपेयी के इस संग्रह में उनकी गहरी जीवनासक्ति और जिजीविषा ने प्रौढ़ता और नया विस्तार पाया है। समकालीनता की अनेक सीमित और इकहरी धारणाओं से आक्रान्त कविता की आज की दुनिया में ये कविताएँ कुछ अलग और अकेली जान पड़ेंगी। उनमें अक्सर सभी तत्काल है और अभी और अनन्त के बीच, यहाँ और वहाँ के बीच सहज और लगभग अनिवार्य आवाजाही है। वे पड़ोस की संरचना करती कविताएँ हैं जिनमें कई बार अनेक सदियों का, देशकाल और नश्वरता का अतिक्रमण होता है। परिचित और सामान्य को थोड़ा–सा विचलित कर वे अप्रत्याशित को सहज स्वायत्त बनाती हैं। विराट सत्यों से अभिभूत होने या उनसे अपने लिए वैधता जुटाने के बजाय वे नगण्य को खोजती, बीनती और सहेजती कविताएँ हैं—अपने सच पर टिकी और गतिशील। वे बँधे–बँधाये ढर्रों से स्वयं तो मुक्त हैं ही, काव्यभाषा और दृष्टि को भी मुक्त करती हैं और हमें उस मुक्ति के लिए आविष्ट करती हैं।

पहले की ही तरह उनमें वैचारिकता अन्त:सलिल है और गहरी ऐन्द्रिय संहति है। उनका धुँधलका और झुटपुटा, उनमें कभी–कभार कौंधती रोशनी की लकीरें और उनमें हर समय मौजूद तलाश अपने खरेपन और तीखी पारदर्शिता से हमें अपनी दुनिया और अपनी भाषा पहचानने और शब्द और मनुष्य में अपनी पुनरास्था को स्वीकार करने की ओर ले जाती है। वह एक बार फिर ऐसी इन दिनों विरल कविता है जो प्रेम, समय, मृत्यु, नियति जैसे चरम प्रश्नों से जूझने की ओर प्रवृत्त करती है। एक अंगभंग समय में, अशोक वाजपेयी की ये नई कविताएँ, थोड़े से आदमी की पूरी मानवीयता की सम्भावना का सत्यापन हैं।

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