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Tum Barahbani

by Divya Vijay
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789369447848
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 204
  • Original Price: INR 495.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 400 grams
  • BISAC Subject(s): Short Stories (single author)

दिव्या विजय की कहानियाँ आधुनिक मानवीय बोध की कहानियाँ हैं जिनकी भाषा दैनन्दिन जीवन से ली गयी है। मनुष्यता में अगाध विश्वास उनकी कहानियों का अंडरटोन है। समकालीन युवा कहानीकारों में स्पष्ट दृष्टि और प्रखर रचनात्मक बोध के साथ दिव्या हमारे बीच उपस्थित हैं। आलोचकों और पाठकों की नज़ उनके लेखन को पैना और परिपक्व बनायेगी, दिव्या के लेखन की ओर से आँखें मूँदकर हम समकालीन हिन्दी कहानी का इतिहास मुक़म्मल कर पायेंगे मुझे इसमें सन्देह है।—गरिमा श्रीवास्तव, जेएनयू★★★दिव्या विजय हिन्दी के युवा कथाकारों में एक जाना-पहचाना और बहुपठित नाम है। संग्रह में कुल ग्यारह कहानियाँ हैं। हर कहानी अपने अनूठे कथ्य और शिल्प के लिए पहचानी जायेगी। परिवेश और पात्रों का सूक्ष्म अवलोकन और गहन मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण इन कहानियों की अतिरिक्त विशेषता है। जीवन संवाद और प्रवाहमान भाषा से लबरेज़ ये कहानियाँ लम्बे समय तक पाठक का पीछा करती हैं। पठनीयता ऐसी कि जब आप कहानी पढ़ना शुरू करते हैं तो उसे अन्त तक पढ़ कर ही दम लेते हैं।—चरण सिंह पथिक, कथाकार

दिव्या विजयजन्म : 20 नवम्बर, 1984समकालीन लेखन में कथा-साहित्य का चर्चित व समर्थ हस्ताक्षर। बचपन अलवर में बीता। भाषा अध्यापिका माँ व कवि नाना के सान्निध्य में लेखन का माहौल मिला। बायोटेक्नोलॉजी से स्नातक, सेल्स एंड मार्केटिंग में एम.बी.ए., ड्रामेटिक्स से स्नातकोत्तर। पहला कहानी-संग्रह अलगोज़े की धुन पर। दूसरा कहानी-संग्रह सगबग मन। तीसरी पुस्तक डायरी दराज़ों में बन्द ज़िन्दगी।हिन्दी साहित्य की मूर्धन्य पत्रिकाओं 'कथादेश', 'हंस', 'नया ज्ञानोदय' आदि में कहानी लेखन। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और अग्रणी वेबसाइट्स के लिए सृजनात्मक लेखन। अन्धा नटी बिनोदिनी, किंग लियर आदि नाटकों में अभिनय । रेडियो नाटकों में स्वर अभिनय व लेखन।‘मैन्युस्क्रिप्ट कॉन्टेस्ट, मुम्बई लिट-ओ-फ़ेस्ट' - 2017 से सम्मानित। अलगोज़े की धुन पर के लिए 2019 का ‘स्पन्दन कृति सम्मान' । सगबग मन के लिए 2020 का ‘कृष्ण प्रताप कथा सम्मान'। सगबग मन के लिए 2023 का 'जानकीपुल शशिभूषण द्विवेदी सम्मान'। सम्प्रति : स्वतन्त्र लेखन।

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