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Wah Ladki

by Dr. Sushila Takbhoure
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789387648142
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 182
  • Original Price: INR 450.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 400 grams
  • BISAC Subject(s): Literary

वह लड़की' में अनेक नये मुद्दे उठाये गये हैं। स्त्री शोषण पहले भी था, अभी भी हो रहा है। नयी पीढ़ी की लड़कियाँ शिक्षित होकर स्वावलम्बी बन रही हैं। साथ ही सबल और जाग्रत भी हो रही हैं। मोनी, बबली, निम्मी, प्रिया, इक्कीसवीं शताब्दी की जाग्रत युवा पीढ़ी की लड़कियाँ हैं। वे स्त्री-पुरुष असमानता और लिंग भेद को समाप्त करने के क़दम उठाती हैं। निशा ‘महिला आन्दोलन' से जुड़कर शोषित-पीड़ित महिलाओं को जाग्रत और सबल बनाने की मुहिम चलाती है। शैला घर और परिवार की ज़िम्मेदारी उठाने के साथ, ‘दलित आन्दोलन' और 'महिला आन्दोलन' में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ममता की बेटी प्रिया डॉक्टर बनने के बाद शोषित-पीड़ित महिलाओं की मदद करके, समाज सेवा का कार्य करना चाहती है। ममता की बेटी निम्मी विवाह के बाद, पति के साथ अपने माता-पिता के घर में रहने की शर्त रखकर, सामाजिक परम्पराओं को बदलने की बात कहती है। विवाह के बाद लड़की ही ससुराल जाकर क्यों रहे? वे विवाह के बाद भी अपने माता-पिता के साथ रहकर उनको सहयोग दे सकती हैं।

सुशीला टाकभौरे जन्म : 4 मार्च 1954, बानापुरा (सिवनी मालवा), ज़िला-होशंगाबाद (म.प्र.)। शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी साहित्य), एम.ए. (अम्बेडकर विचारधारा), बी.एड. पीएच.डी. (हिन्दी साहित्य)। प्रकाशित कृतियाँ : स्वाति बूँद और खारे मोती, यह तुम भी जानो, तुमने उसे कब पहचाना (काव्य संग्रह); हिन्दी साहित्य के इतिहास में नारी, भारतीय नारी : समाज और साहित्य के ऐतिहासिक सन्दर्भो में (विवरण); टूटता वहम, अनुभूति के घेरे, संघर्ष,ज़रा समझो (कहानी संग्रह); हमारे हिस्से का सूरज (कविता संग्रह); रंग और व्यंग्य (नाटक संग्रह); नंगा सत्य (नाटक); शिकंजे का दर्द (आत्मकथा); हाशिए का विमर्श (लेख संग्रह) नीला आकाश, तुम्हें बदलना ही होगा (उपन्यास); मेरे साक्षात्कार, दलित साहित्यः एक आलोचना दृष्टि, दलित लेखन में स्त्री चेतना की दस्तक (समीक्षा) कैदी नं. 307 सुधीर के पत्र, संवादों के सफ़र (पत्र संचयन)। साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में सृजनात्मक गतिविधियाँ, दलित समाज और नारी की स्थिति पर परिवर्तनवादी आन्दोलन में वैचारिक सक्रियता, आकाशवाणी से समय-समय पर परिचर्चाएँ प्रसारित, म.प्र. के मुख्यमन्त्री श्री दिग्विजय सिंह के हाथ से 'म.प्र. दलित साहित्य अकादमी विशिष्ट सेवा सम्मान' एवं पुरस्कार 10000/-, रमणिका फ़ाउण्डेशन से 'सावित्री बाई फुले' सम्मान एवं पुरस्कार 11000/-, महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी' की ओर से डॉ. उषा मेहता हिन्दी सेवा सम्मान एवं पुरस्कार 51000/-। सम्पर्क : शील-2, गोपालनगर, तीसरा बस स्टॉप, नागपुर-22, महाराष्ट्र। मोबाइल : 09422548822, 0712-2230444 |

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