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by Gyan Prakash Vivek
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789355188175
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 200
  • Original Price: INR 399.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): Literary

ज्ञानप्रकाश विवेक इमेजिस के रचयिता हैं। दृश्यात्मकता उनकी रचनाओं की प्रमुख विशेषता है। अपने दीर्घ लेखकीय अनुभवों से उन्होंने अपना न सिर्फ़ मुहावरा क्रिएट किया है बल्कि कथा भाषा और शिल्प के स्तर पर भी वो बहुत सचेत रहे हैं। उनकी कहानियों और उपन्यासों में जो कथा भाषा जिस संवेदन लय का सृजन करती है, वही जीवन संघर्षों का राग बन जाती है। उनकी रचनाओं का माहौल इतना जीवन्त, प्रभावशाली होता है कि जैसे किसी फ़नकार का फ़न हो । जादूगर की जादूगरी ! पात्रों के मनोविज्ञान के ज़रिये, अन्तर्मन के जटिल भावबोध को महसूस करना, ज्ञानप्रकाश विवेक की औपन्यासिक ध्यान यात्रा है।

ज्ञानप्रकाश विवेक :जन्म : 30 जनवरी 1949 (बहादुरगढ़) तैंतीस वर्ष तक एक साधारण बीमा कम्पनी में नौकरी और सेवानिवृत्ति के बाद पूर्णकालिक लेखन।प्रकाशित पुस्तकें : उपन्यास : गली नम्बर तेरह, दिल्ली दरवाज़ा, अस्तित्व, आखेट, चाय का दूसरा कप, तलघर, डरी हुई लड़की, नयी दिल्ली एक्सप्रेस तथा विस्थापित | कहानी संग्रह : अलग-अलग दिशाएँ, जोसफ़ चला गया, शहर गवाह है, पिताजी चुप रहते हैं, इक्कीस कहानियाँ, शिकारगाह, सेवानगर कहाँ है, मुसाफ़िरखाना, बदली हुई दुनिया, कालखण्ड तथा मेरी पसन्दीदा कहानियाँ। ग़ज़ल संग्रह : धूप के हस्ताक्षर, आँखों में आसमान, इस मुश्किल वक्त में, गुफ़्तगू अवाम से है, घाट हज़ारों इस दरिया के, दरवाज़े पर दस्तक तथा काग़ज़ी छतरियाँ बनाता हूँ। कविता संग्रह : दरार से झाँकती रोशनी। आलोचना : हिन्दी ग़ज़ल की विकास यात्रा, हिन्दी ग़ज़ल दुष्यन्त के बाद, हिन्दी ग़ज़ल की नयी चेतना। उर्दू शायरी : रिवायत से जदीदियत का सफ़र।फ़ेलोशिप : वर्ष 2014-2015 में संस्कृति मन्त्रालय द्वारा हिन्दी ग़ज़ल पर सीनियर फ़ेलोशिप। फ़िल्म तथा लघु फ़िल्में : 'क़ैद' कहानी पर जनमंच द्वारा फ़िल्म का निर्माण। शिमला दूरदर्शन द्वारा 'मोड' तथा 'बेदख़ल' कहानियों पर लघु फ़िल्मों का निर्माण । क्लासिक कहानियों की श्रृंखला में, वाराणसी दूरदर्शन केन्द्र द्वारा 'शिकारगाह' कहानी का फ़िल्मांकन। 'छोटी सी दुनिया', 'बूढ़ा', 'पापा तुम कहाँ हो', 'क्षमा करना माँ' का नाट्य मंचन।हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2021 में आजीवन साहित्य साधना सम्मान।इन्दु शर्मा अन्तरराष्ट्रीय कथा सम्मान (यूके) डरी हुई लड़की को, वर्ष 2021 में सेवानगर कहाँ है कहानी को राजस्थान पत्रिका द्वारा वर्ष 2000 में सर्वश्रेष्ठ कथा सम्मान।

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